जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया, CM मोहन यादव बोले- समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन का मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने शुभारंभ किया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना - 2027 की प्रक्रिया पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया।

जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया, CM मोहन यादव बोले- समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने किया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना - 2027 की प्रक्रिया पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। इसके आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। उन्होंने कहा, इस बार की जनगणना सबसे हटकर है। सामाजिक स्तर की जनगणना 1931 में हुई थी। एमपी में मंजरा-टोलों की आवासीय बस्तियों के साथ पुन: आबाद होने वाले गांवों की ओर भी ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

संवेदनशीलता से समस्याओं का निराकरण करें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों से कहा है कि विकास के लिए कराए जा रहे निर्माण कार्यों का विरोध नहीं होना चाहिए। कलेक्टर ध्यान रखें कि जिले के अंदर कोई विवाद न हो। संवेदनशील तरीके से समस्याओं का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक और क्षेत्रीय दृष्टि से चुनौतियां भी आएंगी। पारदर्शिता और प्रतिबद्धता में निष्पक्षता स्पष्ट दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि होली जैसे त्योहार पर हाईअलर्ट पर रहें। मिलावटी मिठाई और अन्य मिलावट के मामलों में कार्यवाही करें। आदर्श स्थिति बनी रहे। सामाजिक समरसता का माहौल जिले में हो। वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति कर राजस्व बढ़ाने का काम करें। विधानसभा के सभी प्रश्नों के समय पर सही जवाब देकर सरकार की मंशा को पूरा कराने का काम करें।

कठिनाई आए तो मार्गदर्शन लें: सीएम

छतरपुर जिले में केन-बेतवा प्रोजेक्ट के विरोध का जिक्र किए बगैर सीएम यादव ने कहा, कठिनाई आ रही है तो मार्गदर्शन लें और हर स्थिति में नियंत्रण होना चाहिए। हमें विकास चाहिए लेकिन स्थानीय वाशिंदों को परेशान करके नहीं चाहिए। उनके साथ संवेदना रखना चाहिए। कोई ऐसी बात नहीं हो ताकि लोगों की शिकायतें करें। अगर कुछ होता है तो अपने स्तर के नेटवर्क से ही सारा काम कर लें।

जनगणना में तकनीक के साथ बदलाव आया- CS

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि पहले यह कहा जाता था जिसने चुनाव करा लिया और जनगणना करा ली, उसने फील्ड में बहुत काम सीखा है। जनगणना में तकनीक के साथ बदलाव आया है। प्रशासनिक जानकारी आने पर पहले छह से सात साल लग जाते थे, लेकिन इसमें तेजी से काम होगा। मध्यप्रदेश में 53 हजार गांव हैं और मजरे-टोलों को गिन लें तो एक लाख 27 हजार हो जाते हैं। भारत सरकार के अफसरों से आग्रह है कि जीआईएस बेस्ड मकान गणना में मजरे टोले का डेटा अलग से मिल जाए, ऐसा काम कर दें, ताकि राज्य सरकार को मजरे टोलों के विकास के लिए योजना बनाने में आसानी हो। सेकेंड फेज में भी जीआईएस मैपिंग की जाए, ऐसा राज्य सरकार चाहती है।