बांग्लादेश चुनाव में BNP की बंपर जीत, PM मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को चुनाव में बंपर जीत मिली है। BNP अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय हो गया।

बांग्लादेश चुनाव में BNP की बंपर जीत, PM मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

ढाका: बांग्लादेश में 12 फरवरी (गुरुवार) को आम चुनाव के लिए हुए मतदान के नतीजे सामने आ चुके हैं। इस चुनाव में पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बंपर जीत मिली है। BNP ने 300 सीट में से 213 सीट पर बंपर जीत दर्ज की है। जो बहुमत के लिए जरूरी 150 सीटों से 63 ज्यादा हैं। 

इस चुनाव में कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी लगभग 75 सीट जीत चुकी है। जमात चीफ शफीकुर रहमान ने ढाका-15 सीट से जीत दर्ज की है। तो वहीं छात्रों की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) 5 सीट जीती हैं। इस बीच भारत में रह रहीं बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने इस चुनाव को पूरी तरह से फर्जी और असंवैधानिक करार दिया है।इस चुनाव में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर बैन भी लगा दिया था।

बांग्लादेश में 20 साल बाद बीएनपी न सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, बल्कि एक तरफा जीत हासिल की है। जिसके बाद पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे और BNP अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। तारिक रहमान ने दो सीट पर चुनाव लड़ा था, दोनों सीट पर उन्होंने जीत दर्ज की है। रहमान पिछले साल दिसंबर (2025) में ही 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे थे।

पीएम मोदी ने दी बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर बीएनपी चीफ तारिक रहमान को जीत की बधाई दी है। साथ ही पीएम मोदी ने बांग्लादेश के विकास की उम्मीद जताई है।

बांग्लादेश को 35 साल बाद मिलेगा पुरुष प्रधानमंत्री

बांग्लादेश में 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बनेगा। 1988 में काजी जफर अहमद प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 1991 से 2024 तक देश की राजनीति में पूर्व पीएम शेख हसीना और खालिदा जिया का दबदबा रहा। ये दोनों ही प्रधानमंत्री बनती रहीं।

इन चुनावों को बांग्लादेश के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगस्त 2024 में देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद यह पहला आम चुनाव है। इस प्रदर्शन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था।