भोपाल में आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, वेतन बढ़ाने की मांग
राजधानी भोपाल में ठेका, अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने और स्थायी नौकरी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
भोपाल: राजधानी में ठेका श्रमिक, अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन शुरू किया। कर्मचारियों ने नीलम पार्क क्षेत्र में रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह जैसा बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
6 जुलाई को हाईकोर्ट के सामने प्रदर्शन करेंगे ठेका श्रमिक
अस्थायी, आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने समाधान नहीं किया तो 6 जुलाई को जबलपुर हाईकोर्ट के सामने जंगी प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही हाईकोर्ट से न्यूनतम वेतन कानून को आउटसोर्स और राजस्व विभाग कर्मचारियों पर लागू कराने की मांग की जाएगी।
न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 12,425 रुपए से बढ़ाकर 16,769 रुपए प्रतिमाह घोषित की है, लेकिन कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि महंगाई को देखते हुए न्यूनतम वेतन कम से कम 26 हजार रुपए होना चाहिए।
कम वेतन देने का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार के तय मानकों के विपरीत प्रदेश के कई विभागों में 3 से 5 हजार रुपए प्रतिमाह पर काम कराया जा रहा है। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।वासुदेव शर्मा ने बताया कि अब तक 50 हजार से अधिक आवेदन सरकार को दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
विभिन्न विभागों में कम भुगतान का आरोप
स्कूलों, छात्रावासों और आयुष विभाग के अंशकालीन कर्मचारियों को 4-5 हजार रुपए
ग्राम पंचायतों के चौकीदार, पंप ऑपरेटर और सफाईकर्मियों को 3-4 हजार रुपए
स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों को 7-8 हजार रुपए
राजस्व विभाग के लोक यूथ सर्वेयरों को करीब 1 हजार रुपए
मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ताओं को लगभग 4 हजार रुपए
मनरेगा मेट श्रमिकों को 2 हजार रुपए से भी कम भुगतान
sanjay patidar 
