MP बजट सत्र का दूसरा दिन स्ट्रीट डॉग्‍स-सिंचाई घोटाले पर हंगामा

MP बजट सत्र का दूसरा दिन स्ट्रीट डॉग्‍स-सिंचाई घोटाले पर हंगामा, अनुपूरक अनुमान आज होंगे पेश

MP बजट सत्र का दूसरा दिन स्ट्रीट डॉग्‍स-सिंचाई घोटाले पर हंगामा

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र का दूसरा दिन महत्वपूर्ण बहसों से भरा रहने वाला है, जनहित से जुड़े कई मुद्दे सदन में गूंजेंगे। भोपाल में बढ़ती स्ट्रीट डॉग्स की समस्या से लेकर सिंचाई परियोजनाओं में अनियमितताओं तक, विधायक सरकार से जवाब तलब करेंगे। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा 2025-26 के तृतीय अनुपूरक अनुमान पेश करने के साथ ही विभिन्न विभागीय समितियों के निर्वाचन का प्रस्ताव भी आएगा। राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण पर चर्चा भी आज प्रमुख रहेगी, जो पहले दिन के हंगामे के बाद जारी रहेगी। सत्र 16 फरवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 12 बैठकें होंगी। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों तरफ से जनता की समस्याओं को उठाने की तैयारी है यह दिन न केवल आर्थिक एजेंडे पर फोकस करेगा, बल्कि स्थानीय मुद्दों पर भी गहन चर्चा होगी, जो प्रदेश की प्रशासनिक पारदर्शिता और जनकल्याण योजनाओं की प्रभावशीलता को परखेगा।

इस दिन सदन में कई मंत्री महत्वपूर्ण दस्तावेज पटल पर रखेंगे, जिसमें अधिनियमों के पत्र और 19 याचिकाएं शामिल हैं। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील और राजन मंडलोई भोपाल में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जवाब मांगेंगे। वहीं, वरिष्ठ विधायक जयंत मलैया दमोह के सीतानगर मध्य सिंचाई परियोजना के मूल डीपीआर में बदलाव की जांच की मांग जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से करेंगे। यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन अनियमितताओं के आरोपों से घिरी हुई है। सत्र में मंत्री जगदीश देवड़ा, प्रहलाद पटेल, प्रद्युम्न सिंह तोमर, धर्मेन्द्र सिंह लोधी और दिलीप अहिरवार अलग-अलग विभागीय पत्र पटल पर रखेंगे। समग्र रूप से, यह दिन प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों पर रोशनी डालेगा, जहां बजट प्रबंधन से लेकर स्थानीय समस्याओं तक सब कुछ चर्चा में आएगा।

कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य: पत्र और याचिकाएं पटल पर

मंत्री जगदीश देवड़ा, प्रहलाद पटेल, प्रद्युम्न सिंह तोमर, धर्मेन्द्र सिंह लोधी और दिलीप अहिरवार अलग-अलग अधिनियमों के पत्र पटल पर रखेंगे। साथ ही, 19 याचिकाएं सदन में प्रस्तुत की जाएंगी ये कदम विधायी प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा से सत्र की दिशा तय होगी।

भोपाल में स्ट्रीट डॉग समस्या: विधायकों का ध्यानाकर्षण

भोपाल में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे लोग डर में जी रहे हैं। कांग्रेस विधायक आतिफ अकील और राजन मंडलोई ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का ध्यानाकर्षण कराया है। विधायकों का कहना है कि नगर निगम के दावे जमीन पर फेल साबित हो रहे हैं कुत्ते आए दिन हमलों का कारण बन रहे हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर. यह मुद्दा शहर की सफाई और पशु नियंत्रण नीतियों पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रीट डॉग्स की समस्या पूरे प्रदेश में है, लेकिन राजधानी में यह अधिक गंभीर है विधायकों की मांग है कि तत्काल स्टरलाइजेशन और वैक्सीनेशन अभियान तेज किया जाए।

सीतानगर सिंचाई परियोजना: जयंत मलैया की जांच की मांग

दमोह जिले की सीतानगर मध्य सिंचाई परियोजना किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है, लेकिन मूल डीपीआर में बदलाव के आरोपों ने विवाद खड़ा किया है। विधायक जयंत मलैया जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट से जांच की मांग करेंगे। परियोजना से दमोह, पथरिया और हटा क्षेत्रों में हजारों हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा पहुंचने की उम्मीद है. हालांकि, डीपीआर परिवर्तन से लागत बढ़ने और देरी के आरोप हैं. यह मुद्दा प्रदेश की सिंचाई योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। जयंत मलैया का फोकस किसानों के हितों पर है, जो सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं.

तृतीय अनुपूरक अनुमान: वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की प्रस्तुति

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 2025-26 के तृतीय अनुपूरक अनुमान सदन में पेश करेंगे। अनुमान करीब 10-20 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है, जो विभिन्न विभागों की अतिरिक्त जरूरतों को पूरा करेगा। यह अनुपूरक बजट मौजूदा वित्तीय वर्ष की कमियों को दूर करने के लिए है। साथ ही, विभिन्न विभागीय समितियों जैसे लेखा-जोखा, प्राक्कलन, सरकारी उपक्रम, स्थानीय निकाय और पंचायती राज लेखा समितियों का निर्वाचन प्रस्ताव आएगा।

इंदौर के दूषित पानी का उठा मामला 

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों का मुद्दा भी विधानसभा में गुंजा. कांग्रेस विधायक गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया है. दूषित पानी की बोतल पर सांकेतिक लाशें बनाई. विधायकों के हाथ में तख्तियां थी. जिसमें लिखा था. हर मौत सरकार की विफलता का प्रमाण