Singrauli News : प्रेम प्रसंग से आहत युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित उतारा

Woman Climbs Mobile Tower : सिंगरौली के मोरवा में 19 वर्षीय युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई। पुलिस और नगर निगम की टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा।

Singrauli News : प्रेम प्रसंग से आहत युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित उतारा

Woman Climbs Mobile Tower : सिंगरौली। कभी-कभी रिश्तों में आई छोटी-सी दूरी भी इंसान को इस कदर भावनात्मक रूप से तोड़ देती है कि वह ऐसा कदम उठा लेता है, जिससे उसकी जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। सिंगरौली के मोरवा में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक 19 वर्षीय युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

मामला मोरवा थाना क्षेत्र में एनसीएल की शिवकुंज कॉलोनी के पास का है। मंगलवार शाम करीब पांच बजे युवती को टावर पर चढ़ा देखकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए, लेकिन हालात आसान नहीं थे। जब भी कोई उसके करीब पहुंचने की कोशिश करता, वह और ऊपर चढ़ जाती।

टावर के चारों ओर नुकीली जाली, नीचे कांटेदार झाड़ियां और कीचड़… ऐसे में जरा-सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। पुलिस और नगर निगम की टीम ने धैर्य के साथ युवती को समझाने का प्रयास जारी रखा।

करीब डेढ़ घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद मोरवा थाने के प्रधान आरक्षक श्याम सुंदर वैश्य तीन अन्य लोगों के साथ टावर पर चढ़े। काफी देर तक समझाने के बाद आखिरकार युवती नीचे उतरने के लिए तैयार हुई। इसके साथ ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

आखिर युवती ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया?

पुलिस के अनुसार, युवती की पहचान पिपरखड़ निवासी 19 वर्षीय रीतू बैगा के रूप में हुई है। वह बैढ़न क्षेत्र के एक ईंट-भट्ठे में काम करती है। युवती ने पुलिस को बताया कि मोरवा के पिडताली निवासी संतराम विश्वकर्मा से उसका प्रेम प्रसंग था। पिछले दो दिनों से युवक के बातचीत नहीं करने से वह नाराज थी। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस की जांच से ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस युवती की काउंसलिंग करने और उसके परिजनों को सूचना देने की कार्रवाई में जुटी रही।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भावनात्मक तनाव के मुश्किल पलों में इंसान को अकेला छोड़ने के बजाय उसकी बात सुनना और उसे सहारा देना कितना जरूरी है। रिश्तों में नाराजगी हो सकती है, मनमुटाव भी हो सकता है, लेकिन किसी भी परेशानी का हल अपनी जिंदगी को खतरे में डालना नहीं है।

क्योंकि जिंदगी अनमोल है… और मुश्किल वक्त में सही संवाद, धैर्य और अपनों का साथ किसी की जिंदगी बचा सकता है।