पब्लिक वाणी खास खबर : 19 बीफार्मा और 33 डीफार्मा कॉलेजों में जाने की छात्रों की रुचि नहीं, अब तक जीरो प्रवेश
Public Vani Khas Khabar : कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्रवेश कराने के तमाम प्रयास किए है, लेकिन वे एक भी विद्यार्थी को प्रवेश देने के लिए कॉलेजों तक नहीं ला सके हैं। इसमें भोपाल के तीन-तीन बीफार्मा और डोफार्मा कॉलेज भी शामिल है।
तकनीकी शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश के फार्मेसी कॉलेजों में प्रवेश देने के लिए दो राउंड की ऑनलाइन काउंसलिंग करा चुका है। अभी तक की काउंसलिंग में प्रदेश के 19 बीफार्मा और 33 डीफार्मा कॉलेजों में एक भी विद्यार्थियों ने प्रवेश नहीं लिया है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्रवेश कराने के तमाम प्रयास किए है, लेकिन वे एक भी विद्यार्थी को प्रवेश देने के लिए कॉलेजों तक नहीं ला सके हैं। इसमें भोपाल के तीन-तीन बीफार्मा और डोफार्मा कॉलेज भी शामिल है। राज्य के बीफार्मा के 219 कॉलेजों की करीब 19 हजार सीटों में अभी तक 11 हजार 800 विद्यार्थियों प्रवेश लिया है।
मौजूदा स्थिति में तकरीबन सात हजार सीटें रिक्त हैं। इसी तरह डीफार्मा के 231 कॉलेजों की 13 हजार 860 सीटों में पांच हजार 850 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। दोनों कोर्स की प्रथम और दूसरे राउंड की केंद्रीयकृत काउंसलिंग में 32 हजार सीटों में से 17 हजार 500 सीटों पर विभाग प्रवेश दे सका है। दूसरे राउंड की काउंसलिंग पर विराम लगने के बाद अब कॉलेजों को सीएलसी के जरिए प्रवेश दिए जाएंगे।
दो दर्जन कॉलेजों में सिर्फ दस छात्रों ने लिए प्रवेश
प्रदेश के दो दर्जन कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें दस से ज्यादा प्रवेश नहीं हुए हैं। ऐसे में उक्त कॉलेजों को विद्यार्थियों को अपने संस्थान में अध्ययन कराना काफी मुश्किल होगा। ऐसा इसलिए कि उन्हें विद्यार्थियों को अध्ययन कराने के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के मुताबिक फैकल्टी और अन्य मापदंडों को पूरा करना होगा। अब सीएलसी के पंजीयन शुरू हो गए है। प्रथम सीएलसी में पंजीयन के बाद बीस अक्टूबर को प्रवेश दिए जाएंगे। इसके बाद 21 से 25 तक दूसरी और 26 से 30 अक्टूबर तक तीसरी सीएलसी होगी।
कॉलेजों में प्रवेश की स्थिति
| कोर्स | कॉलेज | सीट | प्रवेश |
| बीफार्मा | 219 | 18900 | 11800 |
| डीफार्मा | 231 | 13860 | 5850 |
बीफार्मा के जीरो प्रवेश वाले कॉलेज
आदर्श महाविद्यालय राजगढ़, एडवांस कॉलेज दतिया, अंजना इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी इंदौर, चोर्डिया इस्टीट्यूट इंदौर, गुरुकुल स्कूल ऑफ फार्मेसी इंदौर, हिंदूजा कॉलेज सीहोर, जगतगुरु दत्तात्रेय कॉलेज ऑफ फार्मेसी इंदौर, लक्ष्मी नारायण कॉलेज ग्वालियर, मीरादेवी फार्मेसी कॉलेज शिवपुरी, मिलेनियम कॉलेज ऑफ फार्मेसी भोपाल, सत्यांचल कॉलेज रीवा, शांति इंस्टीट्यूट नौगांव, श्रीराधाकृष्ण कॉलेज भोपाल, श्री राधारमन इंस्टीट्यूट इंदौरी, श्री रविंद्रनाथ टेगौर इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज खंडवा, श्री रावतपुरा सरकार कॉलेज सागर, सोम्या स्कूल ऑफ फार्मेसी गुना, स्वामी विवेकानंद इंस्टीट्यूट भोपाल और व्हीईई एकेडमी ग्वालियर।
डीफार्मा के जीरो प्रवेश वाले कॉलेज
आयुष्मान ग्रुप कॉलेज झाबुआ, आदर्श महाविद्यालय राजगढ़, एडवांस कॉलेज दतिया, अंजना इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी इंदौर, आयुष्मान ग्रुप कॉलेज भिंड, बीबीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी रीवा, भानु कॉलेज भिंड, चेतना कॉलेज खुरई, चोडिया इंस्टीट्यूट इंदौर, एवरग्रीन एजुकेशन सोसायटी कॉलेज होशंगाबाद, हायवर्ड कॉलेज ग्वालियर, जेएस फार्मेसी कॉलेज निवाड़ी, जय मां अंबे इंस्टीट्यूट मुरैना, जैन कॉलेज भिंड, जेएसआर कॉलेज भोपाल, मां गिरिजा देवी कॉलेज भिंड, महावीर कॉलेज टीकमगढ़, मीरादेवी फार्मेसी कॉलेज शिवपुरी, एनएस मेमोरियल कॉलेज दतिया, प्रेस्टिज कॉलेज विदिशा, शिवम कॉलेज बैतूल, श्री गजानंद शिक्षा समिति कॉलेज होशंगाबाद, श्री कृष्ण कॉलेज अशोक नगर, श्रीराधाकृष्ण कॉलेज भोपाल, श्री रविंद्रनाथ टेगौर इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज खंडवा, श्री रावतपुरा सरकार कॉलेज सागर, सोम्या स्कूल ऑफ फार्मेसी गुना, स्वामी विवेकानंद इंस्टीट्यूट भोपाल, स्वामीदीन फार्मेसी कॉलेज सतना, तिरुपति कॉलेज ऑफ फार्मेसी सीहोर, व्हीईई एकेडमी ग्वालियर और विवेकानंद कॉलेज आफ फार्मेसी भिंड।

