सीएम उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटने से किया इनकार

Omar Abdullah ने तिरंगे के रंग वाले रिबन को काटने से इनकार कर दिया। उनके इस कदम को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटने से किया इनकार

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 15 अप्रैल 2026 को श्रीनगर के कश्मीर हाट में ‘नो योर आर्टिसन’ (Know Your Artisans) कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान एक अनोखा और सराहनीय कदम उठाया। जब उन्हें रिबन काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन करना था, तो उन्होंने देखा कि रिबन भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रंगों (केसरिया, सफेद और हरा) से बना हुआ है। इस पर सीएम उमर अब्दुल्ला ने तुरंत रिबन काटने से इनकार कर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि रिबन को दोनों तरफ से खोलें, उसे हाथ में लिया और सम्मान के साथ रखने का आदेश दिया।

वायरल वीडियो में क्या हुआ..
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हैं। रिबन काटने के लिए आगे बढ़ते ही उनकी नजर रंगों पर पड़ती है और वे रुक जाते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस रिबन को नहीं काटा जाएगा। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और सलाहकार नासिर असलम वानी भी इस मौके पर मौजूद थे। सीएम ने रिबन को सावधानी से खोलकर मोड़ा और होस्ट को सौंपते हुए कहा कि इसे सम्मान के साथ रखा जाए। यह पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों ने उमर अब्दुल्ला के इस कदम की खूब तारीफ की है।



कानूनी और भावनात्मक नजरिया..
यह फैसला सिर्फ सम्मान का नहीं, बल्कि कानूनी दृष्टि से भी सही था। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना, उसे काटना या नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। इसमें तीन साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। उमर अब्दुल्ला का यह छोटा सा लेकिन सशक्त इशारा देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान का सुंदर उदाहरण बन गया है। सोशल मीडिया यूजर्स इसे “सच्चा राष्ट्रवाद” बता रहे हैं।


यह घटना ऐसे समय में आई है जब देश में तिरंगे के सम्मान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। मुख्यमंत्री का यह कदम न सिर्फ कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों को प्रभावित कर गया, बल्कि पूरे देश में सकारात्मक संदेश दे रहा है।