ब्रिक्स देशों के संसदीय मंच में शामिल हुए नरेंद्र सिंह तोमर, बोले- विश्व शांति और लोकतंत्र भारत का लक्ष्य

मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के 12वें संसदीय मंच सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने लोकतंत्र, विश्व शांति और वैश्विक सहयोग पर भारत का दृष्टिकोण रखा।

ब्रिक्स देशों के संसदीय मंच में शामिल हुए नरेंद्र सिंह तोमर, बोले- विश्व शांति और लोकतंत्र भारत का लक्ष्य

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स देशों के 12वें पार्लियामेंट्री फोरम सम्मेलन में सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और विश्व शांति, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा सभी देशों के कल्याण में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि भारत की सोच केवल अपने विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया की प्रगति और शांति से जुड़ी है।

सम्मेलन का मुख्य विषय ‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को सशक्त बनाना’ है। इसमें आतंकवाद का मुकाबला, संसदीय कूटनीति, डिजिटल परिवर्तन, नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

‘लोकतंत्र सीखना है तो भारत से सीखें’

नरेंद्र सिंह तोमर ने सम्मेलन के महत्व पर बात करते हुए कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। अगर किसी को लोकतंत्र के बारे में सीखना है, तो वह भारत से सीख सकता है। उन्होंने कहा कि भारत ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना में विश्वास करता है।

तोमर के मुताबिक, भारत केवल अपने कल्याण की बात नहीं करता, बल्कि पूरी दुनिया के विकास और विश्व शांति की दिशा में आगे बढ़ने का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों में भारत की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है और दुनिया में शांति स्थापित करना भारत का लक्ष्य रहा है।

वैश्विक मंच के रूप में उभर रहा ब्रिक्स

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ब्रिक्स संगठन वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख मंच के रूप में उभर रहा है। भारत ने इस मंच को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे समय में भारत में संसदीय मंच का सम्मेलन आयोजित होना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को अपने अनुभव और कार्य साझा करने का अवसर मिलेगा। इससे अलग-अलग देशों की संसदीय व्यवस्थाओं को समझने और भविष्य की रणनीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी।

26 और 27 अक्टूबर को हो रहा सम्मेलन

नई दिल्ली में संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 26 और 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की। इसमें विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग राज्यों के पीठासीन अधिकारियों ने भी भाग लिया।

सम्मेलन में संसदीय सहयोग, लोकतांत्रिक व्यवस्था और जन-केंद्रित विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों की संसदों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है।