इंदौर में साइबर ठगी के खिलाफ ऑपरेशन मैट्रिक्स: 4 आरोपी गिरफ्तार; फर्जी सिम कार्ड बरामद
इंदौर में ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत साइबर ठगी के मामलों में चार आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड बरामद कर म्यूल बैंक खातों और संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जांच तेज की।
इंदौर। साइबर ठगी के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने वाले अपराधियों के खिलाफ इंदौर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत क्राइम ब्रांच, तुकोगंज और लसूड़िया थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान फर्जी सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, संदिग्ध लेनदेन और दूसरे राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के मामलों की जांच कर रही है।
5 लाख रुपये से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन
पहली कार्रवाई इंदौर क्राइम ब्रांच ने की, जिसमें कुशाल सिंह सिसोदिया को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उसके IDFC बैंक खाते में पांच लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन सामने आए। इस खाते से जुड़े साइबर ठगी के मामलों की शिकायतें उत्तर प्रदेश के देवरिया और लखनऊ से भी मिली हैं।
तुकोगंज पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा
दूसरी कार्रवाई तुकोगंज थाना पुलिस ने की। पुलिस ने आकाश रसीले और सावन सोलंकी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के बैंक खातों में देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों से संबंधित रकम के लेनदेन मिले हैं। पुलिस इन खातों के इस्तेमाल और संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है।
फर्जी सिम कार्ड बरामद
तीसरी कार्रवाई लसूड़िया थाना क्षेत्र में गुजरात की सूरत ग्रामीण पुलिस के साथ संयुक्त रूप से की गई। इस दौरान साइबर धोखाधड़ी और फर्जी पॉइंट ऑफ सेल (POS) व्यवस्था से जुड़े मामले में फरार आरोपी मयंक जैन को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गुजरात पुलिस को सौंप दिया गया।
साइबर अपराध के नेटवर्क की जांच जारी
एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया के मुताबिक, पुलिस साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों और उनसे जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही, इस अपराध में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस अब संदिग्ध बैंक खातों, पैसों के लेनदेन और दूसरे राज्यों में दर्ज मामलों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है। जांच के आधार पर अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

