पब्लिक वाणी खास खबर : बगैर फार्मर ID न खाद मिलेगी और न ही पीएम किसान सम्मान निधि
Public Vani Khas Khabar : जिले में 3 लाख 60 हजार किसान, अब तक सिर्फ 90 हजार प्रोफाइल हुई तैयार
बगैर फार्मर आईडी बनाए किसानों को ना तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिलेगा और ना ही खाद। जिले में इस सम्मान निधि का लाभ उठाने वाले किसानों की संख्या 3 लाख 60 हजार 270 है। इनमें से अभी तक सिर्फ 90 हजार 152 किसानों की फार्मर आईडी बनी है। यानी कुल किसानों का यह प्रतिशत 24.71 है। इनमें सबसे ज्यादा फार्मर आईडी बैरसिया तहसील में बनाई गई है, वहीं हुजूर काफी पीछे चल रहा है। इधर, जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वह एप के जरिए स्वयं भी फार्मर आईडी बना सकते हैं।
दरअसल, राज्य सरकार अब प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसानों की प्रोफाइल तैयार करा रही है। इसके लिए प्रत्येक किसान की विशिष्ट किसान आईडी (फार्मर आईडी) बनाई जा रही है, ताकि किसानों को शासकीय योजनाओं का लाभ सुगम और पारदर्शिता के साथ मिले सके। साथ ही किसान की सभी जानकारी एक ही जगह रिकॉर्ड के रूप में रहे। इसको लेकर भोपाल जिले के किसानों की फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि डेढ़ साल का समय बीतने के बाद भी आईडी बनाने का आंकड़ा पिछड़ा हुआ है।
इसलिए टारगेट नहीं हो पा रहा पूरा
राजधानी की तीन तहसीलों में बैरसिया को छोड़ दिया जाए तो कोलार और हुजूर में कृषि भूमि नाम मात्र की बची हैं। यहां पर अधिकांश कृषि भूमि पर कॉलोनियों का निर्माण कर दिया गया है। अवैध रूप से बनाई गई कॉलोनियों में प्लाट तो बेच दिए गए, लेकिन इनका डायवर्जन नहीं कराया गया। ऐसे में यह जमीनें आज भी कृषि भूमि के रूप में दर्ज हैं और यहां प्लाट लेने वालों के नाम किसान के रूप में सामने आ रहे हैं। अब यहां किसने जमीन ली यह पता करना मुश्किल हो रहा है।
यही कारण है कि हुजूर तहसील में फार्मर आईडी बनाने का कार्य पिछड़ गया है। बैरसिया में भी 45 फीसदी फार्मर आईडी बना ली गई हैं, लेकिन नगर पालिका के आसपास बड़ी संख्या में कॉलोनी का निर्माण होने से यहां भी छोटे-छोटे प्लॉटों ने परेशानी बढ़ा दी है। इधर, पटवारी स्तर पर 2323 और तहसीलदार स्तर पर 1406 फार्मर आईडी वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण अटकी हुई हैं।

कैसे बनवाएं आईडी
किसान अपनी फार्मर आईडी बनवाने के लिए ग्राम पटवारी, सीएससी सेंटर, कृषक सभा आदि जगह बनवा सकते है। ऑनलाइन कियोस्क सेंटर पर भी किसान फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। इसके अलावा वह अपने मोबाइल पर एप एचटीटीपी / एमपीएफआर. एजीआरआईएसटीएसी के. जीओवी. आईएन डाउनलोड कर स्वयं भी रजिस्ट्रेशन कर सकता है।
फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसान के पास आवश्यक दस्तावेज में सही नाम वाला आधार कार्ड, समग्र आईडी, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और ऋण पुस्तिका लाना जरूरी होगा। सभी दस्तावेजों में किसान का नाम सही होना चाहिए।
जमीन कहीं भी हो, एक क्लिक पर दिखेगी
फार्मर आईडी में किसान से संबंधित सभी प्रकार के रिकॉर्ड दर्ज रहेंगे। इसमें किसान की जमीन से लेकर केसीसी और अन्य ऋण खाता, प्रधानमंत्री सम्मान निधि की राशि का रिकॉर्ड, बीमा राशि आहरण आदि सभी डेटा मौजूद रहेगा। किसान की प्रोफाइल तैयार होने से जमीन का हेरफेर भी नहीं किया जा सकेगा।
फार्मर आईडी में किसान का आधार कार्ड, समग्र आईडी और ऋण पुस्तिका का रिकॉर्ड एक साथ रहने से किसान के नाम से जितनी भी जमीन रहेगी चाहे फिर जमीन प्रदेश के अन्य जिले में हो सभी जगह की जमीन का प्रोफाइल में रिकॉर्ड रहेगा। एक क्लिक पर इसे देखा जा सकेगा। पट्टे की जमीन का भी रिकॉर्ड आईडी में दर्ज रहेगा।

