मनरेगा में मनमानी: बच्चों से कराई जा रही मजदूरी, अधिकारियों की आंखें बंद
मनरेगा में गंभीर अनियमितता: अशोकनगर जिले के ग्राम पंचायत ढिमचौली में बच्चों से कराई जा रही मजदूरी, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध।
अशोकनगर, सुशील कुशवाह। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में धांधली और फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला सामने आया है। मुंगावली जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ढिमचौली में मनरेगा कार्यों के दौरान मजदूरों के स्थान पर बच्चों से काम कराए जाने का आरोप लगा है। इतना ही नहीं, मनरेगा के तहत पंचायत में दो कार्य किया जा रहे थे, जिनमें ऑनलाइन हाजिरी में मजदूरों की जगह बच्चों के फोटो अपलोड कर दिए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत ढिमचौली में 2 जनवरी से 6 जनवरी तक मनरेगा के तहत दो निर्माण कार्य—एक खब्बीस के पास चबूतरा निर्माण और दूसरा गौढ़ महाराज के पास निर्माण कार्य—दिखाए गए। इन कार्यों की ऑनलाइन हाजिरी में वयस्क मजदूरों के स्थान पर बच्चों के फोटो अपलोड किए गए। कुछ तस्वीरों में बैनर को बैकग्राउंड बनाकर फर्जी उपस्थिति भी दर्शाई गई है।
चार दिन तक अपलोड होती रहीं बच्चों की तस्वीरें
चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चों की तस्वीरें लगातार चार दिनों तक मनरेगा की ऑनलाइन साइट पर अपलोड होती रहीं, लेकिन किसी भी स्तर पर इसे रोका नहीं गया। रोजगार सहायक ने सफाई देते हुए कहा कि फोटो अपलोड करने का कार्य मेट करता है, जबकि उनका अप्रूवल जनपद पंचायत स्तर से होता है।
अधिकारियों की मिलीभगत, जांच-कार्रवाई का आश्वासन
मनरेगा एपीओ द्वारा बच्चों की तस्वीरों को अप्रूव किया जाना पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। इस पूरे मामले में सरपंच और अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है।
जब इस संबंध में जिला पंचायत मनरेगा प्रभारी हेमंत पांडे से बात की गई तो उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही। गौरतलब है कि मनरेगा में बच्चों से मजदूरी कराना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह बाल श्रम कानून के तहत एक गंभीर अपराध भी है।
Varsha Shrivastava 
