भोपाल : MP के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला का रिपोर्ट कार्ड पेश

मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने राजधानी भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने विभाग के कार्यों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखा।

भोपाल : MP के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला का रिपोर्ट कार्ड पेश
Minister Rakesh Shukla

भोपाल। मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को राजधानी भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने विभाग के दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियों, योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी साझा की। मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है और आने वाले वर्षों में प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

9508 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित

मंत्री राकेश शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में अब तक 9508 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है, जो स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इसमें सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय स्रोत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (कुसुम योजना) से प्रदेश के किसानों को बड़ा लाभ मिला है। योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 14,500 मेगावाट क्षमता के 550 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से करीब 4,500 मेगावाट परियोजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है।

मंत्री ने जानकारी दी कि कुसुम योजना के तहत प्रदेश में अब तक 21,129 सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों को दिन के समय सस्ती और भरोसेमंद बिजली मिल रही है, वहीं डीजल पर निर्भरता भी कम हुई है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसानों को अगले तीन वर्षों तक सोलर पंप का लाभ दिया जाएगा, जिससे कृषि लागत में कमी आएगी और किसानों की आय बढ़ेगी।

सौर बिजली की दरें 2.40 से 2.85 रुपये प्रति यूनिट

राकेश शुक्ला ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि यह रही है कि सौर बिजली की दरें 2.40 से 2.85 रुपये प्रति यूनिट के बीच प्राप्त हुई हैं, जो देश में डिसेंट्रलाइज्ड रिन्यूएबल एनर्जी (DRE) की सबसे कम दरों में शामिल हैं। इससे न केवल प्रदेश को सस्ती बिजली मिलेगी, बल्कि ग्रिड प्रबंधन भी मजबूत होगा। सरकार इसके लिए लगातार नए नवाचार कर रही है।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा भंडारण (एनर्जी स्टोरेज) पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि मुरैना में 440 मेगावाट क्षमता की सोलर पावर परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें 4 घंटे का ऊर्जा भंडारण शामिल है। यह परियोजना 2.70 रुपये प्रति यूनिट की ऐतिहासिक दर पर स्थापित की जा रही है, जो देश में अब तक की सबसे कम दर मानी जा रही है। यह मध्यप्रदेश की पहली ऊर्जा भंडारण परियोजना भी होगी।

मुरैना सोलर पावर प्लांट से विकास को मिली नई गति 

मंत्री शुक्ला ने कहा कि मुरैना सोलर पावर प्लांट से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिली है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है। आने वाले समय में सरकार सोलर कुकर को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है, ताकि अधिक से अधिक परिवार स्वच्छ ऊर्जा को अपनाएं और ईंधन खर्च में कमी आए।

पत्रकार वार्ता के अंत में मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में और बेहतर लक्ष्य हासिल करेगा। स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के जरिए प्रदेश ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।