फर्जी बिल घोटाले की आंच भोपाल नगर निगम तक,Add.Commissioner से वित्त विभाग छीना
भोपाल नगर निगम में फर्जी ई-बिल के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान के मामले में लोकायुक्त की एफआईआर के बाद आरोपी अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर से वित्त विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है।
भोपाल: नगर निगम में फर्जी ई-बिल के जरिए करोड़ों रुपये के भुगतान के मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई है। लोकायुक्त द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद आरोपी अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर से वित्त विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है और यह जिम्मेदारी अब अपर आयुक्त मुकेश शर्मा को सौंप दी गई है।
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद निगम प्रशासन सख्त
भोपाल नगर निगम में सामने आए फर्जी बिल कांड ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने अपर आयुक्त (वित्त) गुणवंत सेवतकर समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके बाद निगम प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए सेवतकर से वित्त विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली।
फर्जी ई-बिल किए गए तैयार
जांच में सामने आया है कि नगर निगम में कुछ कार्यों के नाम पर फर्जी ई-बिल तैयार किए गए और एसएपी (SAP) सॉफ्टवेयर के माध्यम से करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। आरोप है कि कई मामलों में बिना काम कराए ही बिल बनाकर भुगतान दर्शा दिया गया।
कमीशनखोरी के भी लगे आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि भुगतान की गई राशि को बाद में अधिकारियों और कर्मचारियों के परिचितों या रिश्तेदारों की फर्मों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बदले में कथित तौर पर कमीशन लिया जाता था।
डिजिटल रिकॉर्ड जब्त, जांच जारी
मामले की प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने केस दर्ज किया। इसके बाद न्यायालय से सर्च वारंट लेकर नगर निगम भोपाल के सर्वर सेंटर में तलाशी अभियान चलाया गया, जहां से एसएपी सॉफ्टवेयर से जुड़ी हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। अब इन साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है।
sanjay patidar 
