बैरसिया में अवैध खनन का खेल: जंगल कटाई, रॉयल्टी घोटाला और प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
भोपाल के बैरसिया क्षेत्र से अवैध खनन और बड़े पैमाने पर जंगल कटाई के गंभीर आरोप सामने आए हैं.
भोपाल के बैरसिया क्षेत्र से अवैध खनन और बड़े पैमाने पर जंगल कटाई के गंभीर आरोप सामने आए हैं. मामला शाहपुर इलाके का बताया जा रहा है, जहां आनंद तीर्थ शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, माता वेदरी विद्यालय और RSS कैंपस के आसपास हरे-भरे जंगल के बड़े हिस्से को खत्म किए जाने का दावा स्थानीय रहवासियों ने किया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग से करीब 700 पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी, लेकिन वास्तविकता में 4 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई कर दी गई. इतना ही नहीं, कटे हुए पेड़ों के अवशेषों को केमिकल डालकर जलाने के साथ लकड़ी को अवैध तरीके से बेच दिया गया ।
रॉयल्टी और राजस्व पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन 250 से 300 हाइवा वाहन मुरम लेकर निकलते हैं। आरोप है कि वाहनों की रॉयल्टी भी नहीं काटी जाती है। जिससे शासन को करोड़ों का राजस्व नुकसान भी हो रहा है. भारी वाहनों की आवाजाही से गांव की सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं और स्कूली बच्चों व ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
किन पर लगे आरोप?
क्षेत्र में तरुण सिंह उर्फ बिट्टू ठाकुर और अमन सिकनिया नामक व्यक्तियों पर अवैध खनन संचालन के आरोप लगे हैं. ग्रामीणों का दावा है कि ये लोग अलग-अलग साझेदारियों में कई खदानों का संचालन कर रहे हैं और रात के समय बड़े पैमाने पर खुदाई की जाती है आरोप यह भी है कि विरोध करने पर दबाव बनाया जाता है।
शासकीय भूमि पर खनन का दावा

मस्तीपुरा के बीनापुर क्षेत्र में खसरा नंबर 2 की शासकीय भूमि पर भी अवैध उत्खनन और हजारों सागौन पेड़ों की कटाई का आरोप लगा है। ग्रामीणों के अनुसार, रात में मशीनों से खुदाई होती थी और सुबह होने से पहले खुदाई रोक दी जाती थी।
जनप्रतिनिधियों और विभागों की भूमिका पर प्रश्न
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस, वन और माइनिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इतने बड़े स्तर पर गतिविधियां विभागीय जानकारी के बिना संभव नहीं हैं। क्षेत्र के विधायक विष्णु खत्री की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की आधिकारिक जांच और प्रतिक्रिया का इंतजार है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला पर्यावरण संरक्षण, सरकारी राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बन सकता है।
shivendra 
