बांग्लादेश में नहीं थम रही हिंसा, 7 साल की बच्ची को जिंदा जलाया, अंतरिम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम
बांग्लादेश में युवा नेता शरीफ उस्मा न हादी की हत्या के बाद हिंसा एक बार फिर भड़क गई है। कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और हिंसक घटनाएं हो रही हैं। हिंसक प्रदर्शनों के बीच एक बहुत दुखद घटना सामने आई है।
ढाका: बांग्लादेश में युवा नेता शरीफ उस्मा न हादी की हत्या के बाद हिंसा एक बार फिर भड़क गई है। कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और हिंसक घटनाएं हो रही हैं। हिंसक प्रदर्शनों के बीच एक बहुत दुखद घटना सामने आई है। यहां प्रदर्शनकारियों ने 7 साल की बच्ची को जिंदा जला दिया है तो कई मीडिया हाउस में तोड़फोड़ और पत्रकारों के साथ मारपीट भी की गई है। प्रदर्शनकारियों ने युनूस सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
मीडिया के रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश के लक्ष्मीपुर सदर उपजिला में बीएनपी के एक नेता के घर को कुछ लोगों ने कथित रूप से बाहर से बंद करके आग लगा दिया। इस हमले में एक बच्ची की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके पहले बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या कर दी गई थी।
बता दें कि बांग्लादेश में भड़की इस हिंसा का कारण वहां के एक छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या है। हादी की हत्या 12 दिसंबर को ढाका के बिजोयनगर इलाके में हुई थी। चुनावी अभियान के दौरान नकाबपोश बंदूकधारियों ने हादी के सिर में गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल हादी का इलाज सिंगापुर में चल रहा था, लेकिन गुरुवार को उनकी मृत्यु हो गई। 32 वर्षीय हादी को शनिवार को ढाका विश्वविद्यालय मस्जिद के पास, राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की समाधि के बगल में, कड़ी सुरक्षा के बीच दफनाया गया।
हादी की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में हमले और तोड़फोड़ की घटनाओं का सिलसिला शुरू हो गया। हादी के जनाजे के लिए निकली यात्रा में भारत विरोधी नारेबाजी भी हुई। हादी की पार्टी इंकलाब मंच ने अंतरिम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया और उनकी हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की।
pushpendra 
