अलीराजपुर शिक्षा विभाग में 20.47 करोड़ रुपये का घोटाला, ED ने कमल राठौर समेत 6 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

अलीराजपुर जिले में सरकारी धन के गबन का मामला। इंदौर स्थित ED के उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने BEO कट्ठीवाड़ा में हुए 20.47 करोड़ रुपये के घोटाले में मुख्य आरोपी कमल राठौर और पांच अन्य के खिलाफ PMLA के समक्ष चार्जशीट पेश की।

अलीराजपुर शिक्षा विभाग में 20.47 करोड़ रुपये का घोटाला, ED ने कमल राठौर समेत 6 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

इंदौर/अलीराजपुर। मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में शिक्षा विभाग से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सख्त कार्रवाई की है। 20.47 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन मामले में मुख्य आरोपी कमल राठौर और पांच अन्य के खिलाफ अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल हुई है। यह चार्जशीट इंदौर स्थित माननीय विशेष न्यायाधीश (PMLA) की अदालत में पेश की गई। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने 6 जनवरी 2026 को सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर दिए थे।

अब समझें पूरा मामला क्या है?

ईडी के इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की गई जांच में सामने आया है कि यह घोटाला अप्रैल 2018 से जुलाई 2023 के बीच लगभग 5 सालों तक सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। इस दौरान कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय (BEO) में पदस्थ रहे कमल राठौर ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर शिक्षा विभाग की विभिन्न शैक्षणिक और कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटित सरकारी फंड का दुरुपयोग किया।

जांच के अनुसार आरोपियों ने फर्जी बिलों और कागजी दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये की राशि निकालकर उसे अपने निजी खातों में ट्रांसफर किया। इस पूरे खेल में सरकारी नियमों, आईटी अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की खुलेआम अनदेखी की गई। ईडी ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग का स्पष्ट मामला मानते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की।

घोटाले की रकम से आरोपियों ने कई अचल संपत्तियां खरीदी

ईडी ने इस मामले में पहले ही 07 अगस्त 2025 को मुख्य आरोपी कमल राठौर को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद की गई तलाशी और छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए, साथ ही 25 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि घोटाले की रकम से आरोपियों ने कई अचल संपत्तियां खरीदी थीं। अब तक ईडी ने 14 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 4.3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा थाना क्षेत्र में शिक्षा विभाग से जुड़े अनियमितताओं को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। चूंकि मामला बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ था, इसलिए ईडी ने जांच अपने हाथ में ली और अपराध से अर्जित संपत्तियों (Proceeds of Crime) का पता लगाया।