वेनेजुएला में रूस और अमेरिका आमने-सामने
रूस ने वेनेजुएला के पास अपनी सबमरीन और समुद्री पोत भेजे हैं। दावा किया जा रहा कि वेनेजुएला के पास रूस का एक तेल टैंकर है, जिसका रक्षा के लिए रूस ने सबमरीन और समुद्री पोत भेजे हैं। ऐसे में अब रूस और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ सकता है।
रूस ने वेनेजुएला के पास अपनी सबमरीन और समुद्री पोत भेजे हैं। दावा किया जा रहा कि वेनेजुएला के पास रूस का एक तेल टैंकर है, जिसका रक्षा के लिए रूस ने सबमरीन और समुद्री पोत भेजे हैं। ऐसे में अब रूस और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ सकता है।
वाल स्ट्रीट जर्नल की खबर के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने मंगलवार बताया कि रूस ने एक खाली, जंग लगे तेल टैंकर को एस्कॉर्ट करने के लिए एक पनडुब्बी और अपनी समुद्री पोत भेजे हैं। अधिकारी ने यह भी कहा कि रूस के इस कदम से अमेरिका-रूस संबंधों में एक नया तनाव पैदा हो गया है।
वाल स्ट्रीट जर्नल की मानें तो इस टैंकर का नाम बेला-1 बताया जा रहा है, यह टैंकर दो सप्ताह से अधिक समय से वेनेजुएला के पास प्रतिबंधित तेल टैंकरों पर अमेरिकी नाकाबंदी से बचने की कोशिश कर रहा है। यह टैंकर वेनेजुएला में डॉक करने और तेल लोड करने में विफल रहा। हालांकि जहाज खाली है, फिर भी अमेरिकी नेवी फोर्स ने दुनिया भर में अवैध तेल की ढुलाई करने वाले टैंकरों के बेड़े पर नकेल कसने के उद्देश्य से अटलांटिक महासागर में इसका पीछा किया।
बता दें कि रूस ने पहले ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के अपहरण को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया था और इस कार्रवाई के लिए अमेरिका की कड़ी आलोचना की थी। रूस ने यूएन में भी खुले तौर पर कहा था कि, निकोलस को अमेरिका तुरंत रिहा करे। रूस के अलावा, चीन ने भी यही मांग की थी।
ट्रंप का तेल को लेकर बड़ा दावा
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल को लेकर बड़ा दावा किया कि, वेनेजुएला की अंतरिम सरकार से उन्हें 30 से 50 मिलियन बैरल तेल मिलेगा। उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल पर लिखा था कि मुझे यह घोषणा करते खुशी हो रही कि वेनेजुएला में अंतरिम सरकार संयुक्त राज्य अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला तेल सौंपेंगे।
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