गणतंत्र दिवस पर दिव्यांगजनों को बड़ा तोहफा: सरकार ने बांटे फ्री इलेक्ट्रिक प्रोस्थेटिक हैंड

गणतंत्र दिवस पर भोपाल से शुरू हुई मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों को मुफ्त इलेक्ट्रिक हाथ देकर उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का नया अवसर दे रही है।इसकी शुरुआत राजधानी भोपाल के हथाईखेड़ा सिविल अस्पताल में आयोजित मेगा कैंप से हुई है, जो 26 और 27 जनवरी तक चलेगा।

गणतंत्र दिवस पर दिव्यांगजनों को बड़ा तोहफा: सरकार ने बांटे फ्री इलेक्ट्रिक प्रोस्थेटिक हैंड

भोपाल:गणतंत्र दिवस पर मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है।अब जिन हाथों में कमी थी,उन्हें तकनीक का सहारा मिल रहा है और सपनों को नई उड़ान।भोपाल से शुरू हुई यह पहल जरूरतमंदों को मुफ्त इलेक्ट्रिक हाथ देकर उनका जीवन बदलने का काम कर रही है।यह सिर्फ एक योजना नहीं,बल्कि आत्मसम्मान और नई उम्मीद की शुरुआत है।

हथाईखेड़ा सिविल अस्पताल में आयोजित मेगा कैंप

मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। अब बिना हाथ के जन्मे या दुर्घटना में हाथ गंवाने वाले लोगों को मुफ्त इलेक्ट्रिक प्रोस्थेटिक हैंड दिया जा रहा है। इसकी शुरुआत राजधानी भोपाल के हथाईखेड़ा सिविल अस्पताल में आयोजित मेगा कैंप से हुई है, जो 26 और 27 जनवरी तक चलेगा। कैंप में आधार कार्ड की फोटो कॉपी और फोटो के साथ रजिस्ट्रेशन कर जरूरतमंदों की पहचान की जा रही है।

इलेक्ट्रिक हैंड आधुनिक तकनीक पर आधारित

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह इलेक्ट्रिक हैंड आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिससे लाभार्थी खाना खाने, लिखने, डिजाइनिंग करने और रोजमर्रा के अन्य काम आसानी से कर सकेंगे। खासतौर पर कोहनी से नीचे हाथ गंवाने वाले लोगों के लिए यह डिवाइस बेहद उपयोगी साबित होगी।

यह मरीज ले सकेंगे योजना का लाभ

इस योजना के लिए मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने इनाली फाउंडेशन के साथ करार किया है। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल की गई है। इसका लाभ बिना हाथ के जन्मे व्यक्ति, दुर्घटना में हाथ गंवाने वाले और 15 वर्ष से अधिक आयु के लोग ले सकेंगे।भोपाल के CMHO डॉ. मनीष शर्मा ने कैंप का निरीक्षण कर बताया कि इलेक्ट्रिक हैंड लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आगे भी जारी रहेगी। जरूरतमंद लोग नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र या जिला चिकित्सालय स्थित डीईआईसी केंद्र में संपर्क कर सकते हैं। यह पहल दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की नई राह खोल रही है।