शराब कांड के बाद सागर-देवास के कलेक्टर एसपी हटाए गए
मध्य प्रदेश में IAS और IPS अधिकारियों के तबादले हुए. प्रतिभा पाल, नेहा मीना, दिलीप यादव समेत पांच IAS और चार IPS अधिकारियों की नई पदस्थापना जानें।
Sagar Dewas SP Transfer: मध्य प्रदेश में प्रशासनिक और पुलिस विभाग में फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने पांच IAS अधिकारियों की पदस्थापना बदली है, जबकि गृह विभाग ने चार IPS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इन आदेशों के तहत सागर, देवास और सिवनी जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्तर पर बदलाव हुए हैं। इसके अलावा राज्य पर्यटन विकास निगम और सामान्य प्रशासन विभाग में भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।


संजीव कुमार सिन्हा बने सागर के नए एसपी
गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार सिन्हा को सागर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले वे ग्वालियर में 14वीं वाहिनी, विशेष सशस्त्र बल के सेनानी के पद पर पदस्थ थे। अब वे सागर जिले में पुलिस व्यवस्था की कमान संभालेंगे।
आदित्य मिश्रा को देवास की जिम्मेदारी
देवास जिले के नए पुलिस अधीक्षक 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी आदित्य मिश्रा होंगे। वे इससे पहले बालाघाट जिले में एसपी के पद पर तैनात थे। सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक देवास जिले की जिम्मेदारी सौंपी है।
पांच IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, 2012 बैच की IAS अधिकारी प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर के पद से हटाकर मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है।
2014 बैच की IAS अधिकारी नेहा मीना, जो सिवनी की कलेक्टर थीं, उन्हें देवास जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव को सागर का कलेक्टर बनाया गया है।
देवास के मौजूदा कलेक्टर ऋतुराज को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत 2017 बैच की IAS अधिकारी अंजू अरुण कुमार को सिवनी का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
जहरीली शराब कांड के बीच फैसला क्यों अहम?
सागर के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में सितंबर में जहरीली शराब के सेवन से कई लोगों की मौत हुई थी। इस मामले में अवैध शराब की सप्लाई, निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल उठे थे। राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश भी दिए थे।
वहीं, देवास जिले में भी जहरीली शराब से मौतों की आशंका को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने कई मौतों को जहरीली शराब से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि जिला प्रशासन ने इन दावों को खारिज किया है। मौतों के कारणों की जांच के लिए उज्जैन संभाग के आयुक्त ने पांच सदस्यीय समिति गठित की है, जिसे 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपनी है।
दोनों जिलों में SP बदलने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब अवैध शराब के कारोबार पर नियंत्रण और पुलिस-प्रशासन की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, गृह विभाग के आदेश में तबादलों की वजह स्पष्ट नहीं की गई है। इसलिए इन बदलावों को सीधे तौर पर जहरीली शराब मामलों में कार्रवाई का परिणाम कहना उचित नहीं होगा।

