MP में 1160 करोड़ के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में बड़ा एक्शन, 17 ट्रक जब्त; राइस मिलर, ट्रांसपोर्टर और एथेनॉल प्लांट से जुड़े 13 आरोपी नामजद

मध्य प्रदेश के बालाघाट में 1160 करोड़ रुपए के फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने 17 ट्रक जब्त किए हैं, 13 आरोपियों को नामजद किया है और पूर्व सांसद ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

MP में 1160 करोड़ के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में बड़ा एक्शन, 17 ट्रक जब्त; राइस मिलर, ट्रांसपोर्टर और एथेनॉल प्लांट से जुड़े 13 आरोपी नामजद

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बहुचर्चित 1,160 करोड़ रुपए के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में अब तक 17 ट्रक जब्त किए जा चुके हैं, जबकि 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है। जांच के दौरान राइस मिलर्स, ट्रांसपोर्टर्स और एथेनॉल प्लांट से जुड़े 13 से अधिक लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी सभी आरोपियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

क्या है पूरा मामला?

जांच में सामने आया है कि सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लिए तैयार किए गए फोर्टिफाइड चावल को कथित तौर पर एथेनॉल उत्पादन के नाम पर अवैध तरीके से बेचा जा रहा था। सरकारी सिस्टम से करीब 2,320 रुपए प्रति क्विंटल की दर से निकलने वाला चावल बाजार में करीब 2,800 रुपए प्रति क्विंटल तक बेचा जा रहा था। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में कई स्तरों पर मुनाफे का खेल चल रहा था।

3 जून को पकड़ा गया था पहला ट्रक

मामले की शुरुआत 3 जून को हुई, जब बालाघाट के वारासिवनी क्षेत्र में संचेती राइस मिल के पास सरकारी फोर्टिफाइड चावल से भरा एक ट्रक पकड़ा गया। यह चावल एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एथेनॉल प्लांट भेजा जा रहा था। शुरुआती जांच एक ट्रक तक सीमित थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पूरे नेटवर्क का खुलासा होने लगा।

इन लोगों पर कार्रवाई

एफआईआर के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में ट्रक चालक दुर्गेश शेंडे, एवीजे एथेनॉल प्लांट के प्रतिनिधि राहुल प्रताप, प्लांट सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव और सिवनी के ट्रांसपोर्टर उबेद खान शामिल हैं।

वहीं, संचेती राइस मिल के संचालक गंभीर संचेती और उनके बेटे सौरभ संचेती फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

एसआईटी कर रही जांच

बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए 20 से 25 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है। अब तक 17 ट्रकों को जब्त किया गया है और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सिवनी के दो राइस मिलर्स सहित कई लोगों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

CBI जांच की उठी मांग

मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने आरोप लगाया है कि इस पूरे घोटाले में बड़े स्तर पर मिलीभगत हुई है। उन्होंने एक पूर्व मंत्री और उनके भाई पर सवाल उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।

जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि सरकारी फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई केवल एक एथेनॉल प्लांट तक सीमित थी या इसके पीछे इससे भी बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।