दतिया उपचुनाव: भोपाल के बाद दिल्ली बुलाए गए नरोत्तम मिश्रा, आलाकमान करेगा वन-टू-वन चर्चा, कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार

दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा पहले भोपाल और अब दिल्ली पहुंचे हैं. बीजेपी आलाकमान उनसे दतिया में कार्यकर्ताओं की नाराजगी और आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकता है. कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है.

दतिया उपचुनाव: भोपाल के बाद दिल्ली बुलाए गए नरोत्तम मिश्रा, आलाकमान करेगा वन-टू-वन चर्चा, कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार

भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा है।

हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने और उसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं की नाराजगी को लेकर हो रही है। दतिया में मिश्रा के समर्थकों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया, जिससे घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

भोपाल में हुई अहम बैठक

विवाद बढ़ने के बाद नरोत्तम मिश्रा को भोपाल बुलाया गया, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी बैठक हुई। बैठक के बाद मिश्रा ने कहा कि पार्टी में किसी तरह का मनमुटाव नहीं है और नाराज कार्यकर्ताओं को समझाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे और पार्टी के फैसले के साथ खड़े हैं।

इस्तीफे स्वीकार नहीं होंगे

बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि नाराज होकर इस्तीफा देने वाले किसी भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव नरोत्तम मिश्रा के मार्गदर्शन में ही लड़ा जाएगा।

अब दिल्ली पहुंचे नरोत्तम मिश्रा

भोपाल में संगठन के साथ चर्चा के बाद अब नरोत्तम मिश्रा दिल्ली पहुंच गए हैं। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, वे बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि दतिया में हुए घटनाक्रम, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और आगे की रणनीति पर उनसे विस्तृत चर्चा होगी। हालांकि, बीजेपी की ओर से इस बैठक को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

कांग्रेस ने भी चला बड़ा दांव

दूसरी ओर कांग्रेस ने दतिया उपचुनाव के लिए तीन बार के विधायक और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। क्षेत्र में उनकी मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है।

दिलचस्प होगा मुकाबला

अब दतिया में मुकाबला बीजेपी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच होगा। लेकिन चुनावी लड़ाई से पहले बीजेपी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की है। अब सबकी नजर दिल्ली में होने वाली बैठकों और उसके बाद पार्टी की रणनीति पर टिकी हुई है।