मऊगंज में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, प्रथम वरीयता और अलग काउंसलिंग की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

मऊगंज: 17-18 साल से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों का भविष्य अधर में, आयुक्त के नाम डिप्टी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

मऊगंज में अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, प्रथम वरीयता और अलग काउंसलिंग की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

मऊगंज से रिपोर्टर राजेंद्र पयासी 

प्रदेश में 17 से 18 सालों से स्कूल शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों का भविष्य एक बार फिर संकट में आ गया है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की भर्ती प्रक्रिया में हुए बदलावों के कारण बड़ी संख्या में अनुभवी अतिथि शिक्षकों को बाहर होना पड़ा है। इसी को लेकर अतिथि शिक्षक समन्वय समिति जिला मऊगंज ने 9 जुलाई को लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश के आयुक्त के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।

नौकरी और भविष्य को लेकर कोई ठोस नीति नहीं

ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रांत अध्यक्ष सुनील सिंह के मार्गदर्शन में मदन लाल कुशवाहा, पूर्णानंद शर्मा और जिलाध्यक्ष आनंद सिंह मौजूद रहे। समिति ने कहा कि प्रदेश के अतिथि शिक्षक लगातार पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ पढ़ाई करवा रहे हैं और हर साल बेहतर परीक्षा परिणाम भी दे रहे हैं। इसके बावजूद आज भी उनकी नौकरी और भविष्य को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बन पाई है।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि नियमित शिक्षकों के स्थानांतरण, अतिशेष शिक्षकों के समायोजन, नई भर्ती, पदोन्नति और नई पद संरचना लागू होने के कारण कई विद्यालयों में रिक्त पद ही समाप्त हो गए हैं। इसके चलते सत्र 2025-26 में कार्यरत अनेक अतिथि शिक्षकों की नए सत्र में जॉइनिंग नहीं हो सकी है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

शाला चयन में प्रथम वरीयता दिए जाने की मांग

ज्ञापन में समिति ने उच्च शिक्षा विभाग में अतिथि विद्वानों को दी जाने वाली व्यवस्था की तर्ज पर बाहर हुए अतिथि शिक्षकों को शाला चयन में प्रथम वरीयता दिए जाने की मांग की है। साथ ही उनके लिए अलग से काउंसलिंग आयोजित करने का भी अनुरोध किया गया है ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षक पुनः विद्यालयों से न जुड़ें।

इसके अलावा समिति ने अवकाश व्यवस्था लागू होने तक 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में राहत देने की मांग उठाई। समिति का कहना है कि अवकाश न होने के कारण कई शिक्षकों की उपस्थिति कम हो गई और उन्हें बाहर कर दिया गया। ऐसे शिक्षकों की पुनः जॉइनिंग कराई जाए। समिति ने अतिथि शिक्षकों के लिए नियमित अवकाश व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है।