लिव-इन में रखकर किया यौन शोषण, कोर्ट ने कहा शादी का झांसा देकर संबंध बनाना गंभीर अपराध
लिव-इन में रखकर यौन शोषण किया, 10 साल की सश्रम कैद(कठोर परिश्रम या मेहनत के साथ जेल की सजा काटना), कोर्ट बोला - शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना गंभीर अपराध, सख्त सजा जरूरी
इंदौर जिला कोर्ट ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ तीन महीने तक यौन शोषण करने के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि विवाह का आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में कड़ी सजा देना आवश्यक है। साथ ही कोर्ट ने सश्रम कैद की भी बात की है। सश्रम कैद मतलब होता है कि आरोपी को जेल में मेहनत वाला काम दिया जाएगा। जैसे पत्थर तोड़ना या ऐसा ही कुछ काम जो शरीरिक रूप से करना कठिन हो।
पूरी घटना क्या है..
पीड़िता पहले जबलपुर में अकाउंटेंट के रूप में काम करती थी। वर्ष 2021 में इंदौर में एक सहेली की जन्मदिन पार्टी के दौरान उसकी आरोपी से मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और सितंबर 2021 में पीड़िता इंदौर आकर रहने लगी। करीब एक महीने बाद आरोपी ने पीड़िता से संपर्क किया और नौकरी की जरूरत बताई। पीड़िता ने अपनी कंपनी के मालिक से बात कर आरोपी को एक फर्नीचर फैक्ट्री में काम दिलवा दिया।
1 मार्च 2022 को कार्यस्थल पर हुए विवाद के बाद युवती ने नौकरी छोड़ दी और जबलपुर लौटने की तैयारी करने लगी। इस दौरान आरोपी ने उसे रोक लिया और इंदौर में किराए का कमरा दिलवाया। बाद में आरोपी खुद भी उसी कमरे में रहने लगा।
शादी का झांसा देकर बनाए युवती से बनाया संबंध..
आरोपी ने विवाह का आश्वासन देकर पीड़िता के साथ करीब तीन महीने तक शारीरिक संबंध बनाए। दोनों 25 जून 2022 तक साथ रहे। इसके बाद आरोपी अचानक जबलपुर चला गया। जब पीड़िता ने संपर्क किया तो आरोपी ने बताया कि उसकी सगाई पहले से तय है और वह शादी नहीं कर सकता। पीड़िता के परिवारवालों ने जब आरोपी के परिजनों से संपर्क किया तो उन्होंने भी शादी से साफ इनकार कर दिया। लड़की की हालात भी गंभीर हो गई थी। परिवार वाले परेशान रहने लगे।
FIR और सजा..
धोखा मिलने के बाद पीड़िता ने इंदौर के आजाद नगर थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के दौरान जिला कोर्ट ने साक्ष्यों, गवाहों और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया।
10 अप्रैल 2026 को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई। मामले में शासन की ओर से एजीपी जयंत दुबे ने पैरवी की।
कोर्ट की तल्क टिप्पणी..
अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि "शादी का झांसा देकर युवती को लिव-इन रिलेशन में रखना और यौन शोषण करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त दंड देना समाज के लिए जरूरी संदेश है।" ठ

