MP टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0: CM मोहन का ऐलान, इंदौर-भोपाल में बनेंगे नए IT पार्क और सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

मध्यप्रदेश बनेगा टेक हब: 40 हजार करोड़ के निवेश और 35 हजार रोजगार का लक्ष्य, जीसीसी-डेटा सेंटर-सेमीकंडक्टर पर सरकार का फोकस,

MP टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0: CM मोहन का ऐलान, इंदौर-भोपाल में बनेंगे नए IT पार्क और सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

भोपाल। तकनीकी दृष्टि से 13 जुलाई का दिन पूरे मध्यप्रदेश के लिए खास रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमीकंडक्टर' का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में तकनीकी विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल कृषि प्रधान राज्य की पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि डिफेंस, ड्रोन, साइंस टेक्नोलॉजी, ई-एनर्जी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कॉन्क्लेव के दौरान 20 औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाले देशों में अपनी पहचान बनाई है। देश की क्षमता, प्रतिभा और नवाचार की ताकत से नए अवसर तैयार हो रहे हैं। इसी दिशा में मध्यप्रदेश भी तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

40 हजार करोड़ निवेश और 35 हजार रोजगार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 के माध्यम से प्रदेश में करीब 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आने की संभावना है। इससे लगभग 35 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उन्होंने बताया कि इस कॉन्क्लेव में 51 प्रकार की विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, जिनमें निवेशकों, उद्योगपतियों, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं की भागीदारी है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

इंदौर सुपर कॉरिडोर में बनेगा अत्याधुनिक आईटी पार्क

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इंदौर के सुपर कॉरिडोर में 3 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। इस आईटी पार्क में विश्वस्तरीय कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कंपनियां बिना अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए अपना संचालन शुरू कर सकेंगी।

उन्होंने कहा कि इंदौर पहले से ही आईटी और उद्योग के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। नया आईटी पार्क प्रदेश में डिजिटल कंपनियों, स्टार्टअप और तकनीकी संस्थानों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करेगा। इससे युवाओं को प्रदेश में ही उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर मिलेंगे।

भोपाल आईटी पार्क का होगा विस्तार, कोलार रोड पर नया आईटी हब

मुख्यमंत्री ने भोपाल आईटी पार्क के विस्तार की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि भोपाल में करीब 4 लाख वर्गफुट क्षेत्र में एक आधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। यहां भी डिजिटल सेवा कंपनियों को प्लग एंड प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके अलावा भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में 5 एकड़ भूमि पर नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। इस आईटी हब में आईटी और डिजिटल सेक्टर की कंपनियों के लिए आधुनिक कार्यालय और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

सेमीकंडक्टर और एआई तकनीक पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले समय में चिप निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रिसर्च जैसे क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मध्यप्रदेश इन उभरती तकनीकों में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार एआई, नवाचार, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में साइंस सिटी, एआई डेटा सेंटर और अन्य हाई-टेक परियोजनाएं विकास की नई पहचान बन रही हैं।

देश-विदेश की कंपनियों और संस्थानों की भागीदारी

एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में देश-विदेश की कई प्रमुख कंपनियां और संस्थान शामिल हुए हैं। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, आईटी और डिजिटल तकनीक से जुड़ी कंपनियां निवेश और साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा कर रही हैं।

कॉन्क्लेव में CtrlS Datacenters, Kaynes Technology India, फुजियामा पावर और न्योबोल्ट लिमिटेड जैसी कंपनियों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही Indian Institute of Management Indore और Indian Institute of Science Education and Research Bhopal जैसे संस्थान भी कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए शामिल हैं।

पिछले कॉन्क्लेव से मिली निवेश को गति

एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के पिछले दो संस्करणों ने प्रदेश में निवेश के लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया है। पहले संस्करण में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिससे करीब 75 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना बनी। वहीं दूसरे संस्करण में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए और लगभग 48 हजार रोजगार अवसरों का लक्ष्य तय किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 में बार्सिलोना यात्रा के दौरान एक गीगावाट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर के लिए एमओयू किया गया था। अब संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए पहुंच चुके हैं।

तकनीकी विकास की नई दिशा में मध्यप्रदेश

एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 के जरिए मध्यप्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश को भविष्य की तकनीकों का केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आईटी पार्क, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और एआई आधारित परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।