धार भोजशाला पर SC का फैसला: बसंत पंचमी पर दोपहर 12 बजे तक सरस्वती पूजा, फिर होगी नमाज
सुप्रीम कोर्ट ने धार की भोजशाला में हिंदू पक्ष से 12 बजे तक पूजा करने के लिए कहा है। इसके बाद मुस्लिम पक्ष नमाज पढ़ेगा। नमाज के बाद दोबारा हिंदू पक्ष शाम 4 बजे से फिर पूजा कर सकेगा।
मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर बसंत पंचमी 2026 पर उठे धार्मिक विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अहम और संतुलित फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि बसंत पंचमी के दिन हिंदू और मुस्लिम—दोनों समुदायों को अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन समय और स्थान को लेकर स्पष्ट व्यवस्था लागू होगी, ताकि कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने हिंदू पक्ष की उस याचिका पर निर्णय दिया, जिसमें 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति मांगी गई थी। यह याचिका 20 जनवरी को दायर की गई थी।
पूजा और नमाज दोनों की अनुमति
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, हिंदू पक्ष को सुबह से दोपहर 12 बजे तक पूजा करने की अनुमति दी गई है। इसके बाद दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच मुस्लिम पक्ष जुमे की नमाज अदा करेगा। नमाज संपन्न होने के बाद शाम 4 बजे से हिंदू पक्ष को फिर से पूजा करने की अनुमति दी गई है। अदालत ने यह भी कहा कि दोनों समुदायों के लिए परिसर के भीतर अलग-अलग और विशेष क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे, ताकि किसी तरह का टकराव न हो।
सुनवाई के दौरान दलीलें
हिंदू पक्ष की ओर से दलील दी गई कि बीते कुछ वर्षों से बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है और इस दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक सरस्वती पूजा, हवन और अन्य पारंपरिक अनुष्ठान होते हैं। इसलिए पूरे दिन अखंड पूजा की अनुमति दी जानी चाहिए। वहीं मस्जिद पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि जुमे की नमाज का समय धार्मिक रूप से निर्धारित होता है और इसमें बदलाव संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नमाज के बाद मुस्लिम पक्ष परिसर खाली कर देगा। हिंदू पक्ष ने सुझाव दिया था कि नमाज शाम 5 बजे के बाद कराई जाए, लेकिन मस्जिद पक्ष ने इसे असंभव बताया।
कोर्ट का संतुलित रुख,सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संतुलित समाधान अपनाया। कोर्ट ने कहा कि नमाज के लिए परिसर के भीतर एक अलग और विशेष क्षेत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जहां आने-जाने के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग होंगे। इसी तरह हिंदू समुदाय को भी पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अलग स्थान दिया जाएगा। अदालत ने प्रशासन और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को निर्देश दिए कि दोनों समुदायों के कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाएं।
बसंत पंचमी को लेकर धार में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जिले में करीब आठ हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जिनमें से 50 प्रतिशत बल पहले ही पहुंच चुका है। इंदौर रेंज के आईजी अनुराग सिंह ने बताया कि पुलिस पूरी तरह सतर्क है और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। सीसीटीवी कैमरों, बाइक पेट्रोलिंग और मोबाइल पार्टियों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।
नो-फ्लाई जोन और तकनीकी निगरानी
भोजशाला परिसर के 300 मीटर के दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, यूएवी, पैरा ग्लाइडिंग और हॉट एयर बैलून जैसी किसी भी उड़ान गतिविधि पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा ड्रोन कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के माध्यम से भीड़ की संख्या, दिशा और गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी की जा रही है।
गौरतलब है कि भोजशाला परिसर में मंगलवार को हिंदू समाज द्वारा सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जबकि शुक्रवार को मुस्लिम समाज जुमे की नमाज अदा करता है। अन्य दिनों में यह परिसर सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला रहता है और आम नागरिक टिकट लेकर इसे देख सकते हैं।
Tags:
- ASI Bhojshala Dhar
- Basant Panchami 2026
- Bhojshala latest update
- Bhojshala Mandir Masjid case
- Dhar Bhojshala Basant Panchami
- Dhar Bhojshala case
- Dhar Bhojshala Namaz
- Dhar Bhojshala Puja
- Hindu Muslim
- Hindu Muslim dispute Dhar
- Madhya Pradesh religious news
- Puja Namaz timing dispute
- Supreme Court Bhojshala verdict
- Supreme Court verdict

