Delhi में SIR: 33 लाख वोटर्स को नोटिस, आडवाणी-जयशंकर से लेकर धनखड़ का नाम भी शामिल
वोटर डिटेल में गड़बड़ी और पुराने रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं होने पर 33.13 लाख मतदाताओं को भेजे गए नोटिस, इनमें पूर्व उप प्रधानमंत्री L K Advani, विदेश मंत्री S Jaishankar, पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar, पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia और चुनाव आयुक्त S S Sandhu जैसे नाम भी शामिल हैं।
New Delhi में चल रही Special Intensive Revision (SIR) के तहत 33.13 लाख मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म की जानकारी में गड़बड़ी के कारण नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें पूर्व उप प्रधानमंत्री L K Advani, विदेश मंत्री S Jaishankar, पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar, पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia और चुनाव आयुक्त S S Sandhu जैसे नाम भी शामिल हैं।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इन नोटिस का मकसद मतदाता रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ियों की जांच और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन करना है। नोटिस पाने वालों को 29 अक्टूबर तक ERO के पास जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। SIR का दावा-आपत्ति चरण 30 सितंबर तक चलेगा और अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होगी।
2002 के रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं होने पर नोटिस
अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में मौजूदा वोटर डिटेल को 2002 की पिछली SIR सूची से मैप नहीं किया जा सका। कुछ मामलों में नाम या अन्य जानकारी में अंतर भी पाया गया। 98 साल के L K Advani के अलावा उनकी बेटी और पत्नी को भी इसी तरह की गड़बड़ी के कारण नोटिस मिला है। S Jaishankar और उनकी पत्नी Kyoko Jaishankar, जो नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सुनहरी बाग इलाके में मतदाता हैं, उनका रिकॉर्ड भी पिछली SIR से मैप नहीं होने की बात सामने आई है।
पूर्व उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar और उनकी पत्नी Sudesh Dhankhar को भी नोटिस जारी हुआ है। नके मतदाता रिकॉर्ड में उपराष्ट्रपति आवास का पता दर्ज है। वहीं, चुनाव आयुक्त S S Sandhu के नाम में अंतर पाए जाने के कारण उनका रिकॉर्ड जांच के लिए चिन्हित किया गया। जबकि उनके बेटे को माता-पिता के नाम में अंतर के कारण नोटिस जारी किया गया है। दोनों दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री को भी ‘पिछली SIR से मैप नहीं’ कारण से नोटिस दिया गया है।
इन नेताओं को भी मिले हैं SIR के नोटिस
दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia का नाम भी उन मतदाताओं की सूची में है जिनके रिकॉर्ड में पिछली SIR से लिंक नहीं होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा पूर्व दिल्ली BJP अध्यक्ष Virendra Sachdeva, राज्यसभा सांसद Kapil Sibal और BJP नेता Sudhanshu Mittal को भी नोटिस भेजा गया है।
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर Kapil Sibal को पिछली SIR से रिकॉर्ड लिंक नहीं होने के कारण नोटिस मिला है। Virendra Sachdeva ने बताया कि उन्हें नाम से जुड़ी गड़बड़ी के कारण नोटिस मिला है। उन्होंने कहा कि जरूरी दस्तावेजों के जरिए इसे ठीक करा लेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी और भाई का नाम भी नोटिस पाने वालों की सूची में है। उन्होंने कहा कि जरूरी सुधार करा दिए जाएंगे।
नोटिस मिलने का मतलब नाम कटना नहीं
Delhi Chief Electoral Officer के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि SIR के तहत नोटिस मिलना अपने आप में मतदाता सूची से नाम हटने का मतलब नहीं है। नोटिस का उद्देश्य संबंधित मतदाता से जरूरी दस्तावेज लेकर रिकॉर्ड की जांच करना है। सत्यापन के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल किए जाएंगे।
मसौदा मतदाता सूची में 97 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम प्रकाशित किए गए हैं। इसके बाद 33.13 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में अलग-अलग तरह की विसंगतियां सामने आने पर नोटिस की प्रक्रिया शुरू हुई है। दिल्ली CM Rekha Gupta के मामले में भी विसंगति सामने आई थी, लेकिन सत्यापन के बाद उनका रिकॉर्ड क्लियर कर दिया गया।
दिल्ली समेत 16 राज्यों में SIR का तीसरा फेज
चुनाव आयोग ने 14 मई को Haryana, Jharkhand, Uttarakhand, Delhi, Maharashtra समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है।
पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें Punjab, Uttarakhand और Manipur में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।
Supreme Court में SIR पर सुनवाई
Delhi में SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने को लेकर Supreme Court में याचिका दाखिल की गई है। अदालत ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार किया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से 47 लाख से ज्यादा नामों के मसौदा सूची से बाहर होने और 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने का मुद्दा उठाया गया है।
SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया जा रहा है। चुनाव आयोग की प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन और दावे-आपत्तियों के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
Varsha Shrivastava 
