फार्मर ID के पेंच में उलझा धान पंजीयन: कांग्रेस नेता नृपेन्द्र सिंह पिंटू ने सरकार को घेरा
सर्वर ठप, जटिल प्रक्रिया से किसान परेशान, धान पंजीयन को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी मऊगंज के उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह पिंटू ने उठाए सवाल, कहा- मुश्तरका किसानों को पंजीयन से वंचित कर रही सरकार
मऊगंज से राजेंद्र प्यासी की रिपोर्ट।
जिला कांग्रेस कमेटी मऊगंज के उपाध्यक्ष नृपेन्द्र सिंह पिन्टू ने प्रदेश सरकार की धान पंजीयन प्रक्रिया को किसान विरोधी बताते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण अन्नदाता परेशान है।
सर्वर ठप-प्रक्रिया जटिल, कैसे होगा धान पंजीयन
नृपेन्द्र सिंह पिन्टू ने बताया कि सरकार ने धान पंजीयन के लिए 15 सितंबर से 10 अक्टूबर तक की तिथि निर्धारित की है, लेकिन पंजीयन की प्रक्रिया इतनी जटिल बना दी गई है कि किसान पंजीयन ही नहीं करा पा रहे।
पोर्टल का सर्वर दिनभर ठप रहता है। फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि बिना परिमार्जन और गिरदावरी के फार्मर आईडी बन नहीं रही। क्षेत्र के किसान पटवारी से लेकर तहसील तक के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि मऊगंज जिले में अधिकांश किसान मुश्तरका पट्टेदार हैं। संयुक्त खाते की जमीन होने के कारण उनका पंजीयन अटक रहा है। यदि यही स्थिति रही तो हजारों किसान सरकारी खरीदी से वंचित रह जाएंगे और उन्हें औने-पौने दाम पर व्यापारियों को धान बेचना पड़ेगा।
किसानों को पंजीयन से वंचित कर रही सरकार
कांग्रेस नेता ने कहा कि अपने आप को किसान हितैषी कहने वाली और किसान कल्याण वर्ष मनाने वाली मोहन सरकार का किसानों के प्रति यह सौतेला व्यवहार है। कर्ज में डूबी सरकार नहीं चाहती कि किसान का पंजीयन हो और उसे समर्थन मूल्य मिले।
नृपेन्द्र सिंह पिन्टू ने मांग की है कि शासन गांव-गांव में कैंप लगाकर फार्मर आईडी, गिरदावरी और परिमार्जन की समस्या का समाधान करे, पंजीयन प्रक्रिया को सरल किया जाए और पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि हर किसान अपनी उपज सरकार को बेच सके।
Varsha Shrivastava 
