G-RAM-G को लेकर CM डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए विकसित भारत - जी राम जी बिल को ऐतिहासिक बताते हुए इसे ग्रामीण भारत के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार की VB-G RAM G [विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)] योजना को ऐतिहासिक बताते हुए इसे ग्रामीण भारत के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का संबोधन
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि ये विधेयक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ है। उन्होंने बताया कि इस नए कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिनों के स्थान पर अब 125 दिनों की मजदूरी उपलब्ध कराई जाएगी। कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि योजनाएं केंद्र सरकार बनाती है, लेकिन उनके क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों को व्यापक अधिकार दिए गए हैं।
खंडेलवाल ने कहा कि इस विधेयक में परिवारों का पंजीयन, रोजगार की गारंटी और कार्यों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों के पास होगी। पंचायतों को 50 प्रतिशत कार्यों के चयन का अधिकार दिया गया है। राज्य सरकार की भी इसमें भागीदारी होगी, जिससे गांवों की जरूरतों के अनुसार स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह नया विधेयक मध्यप्रदेश के लिए सौभाग्यशाली साबित होगा, क्योंकि भौगोलिक क्षेत्रफल के हिसाब से प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास, रोजगार और अधोसंरचना निर्माण के लिए प्रधानमंत्री द्वारा बड़ी वित्तीय सहायता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत स्थायी अधोसंरचना निर्माण, आजीविका सृजन, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। कृषि के बोवाई और कटाई के समय कृषि श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। साथ ही राज्यों को वित्तीय वर्ष में 60 दिनों तक अधिसूचना जारी करने का प्रावधान भी रखा गया है।
उन्होंने बताया कि अधिनियम में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की भी व्यवस्था है और विशेष रूप से महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, वंचित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ देने की योजना है।
आकुशल कार्यों के लिए मजदूरी की दरें केंद्र सरकार तय करेगी और जब तक नई दरें तय नहीं होती तब तक मनरेगा के तहत ही मजदूरी दी जाएगी। विपक्ष का बोलना है और सरकार का काम निर्णय लेना है।
सीएम ने बताया कि रोजगार ना मिलने पर ग्रामीण परिवारों को समयसीमा में काम देने की बात इस बिल में कही गई है। वहीं, राज्य सरकार द्वारा शर्तों के अनुसार बेरोगारी भत्ता देने की बाध्यता है। योजना में केंद्र सरकार 60% और राज्य सरकार 40% राशि वहन करेगी। ग्रामीण हाट, कौशल विकास पर जो काम कर सकते हैं, उनके लिए भी हमारा सहयोग रहेगा।
किसानों की जहां आय बढ़ सकती है, उसके लिए भी हम कार्ययोजना बनाने जा रहे हैं। सिंचाई का रकबा भी बढ़कर 9 प्रतिशत से 20 प्रतिशत हो रहा है। हमारी सरकार ने ये वर्ष किसान कल्याण वर्ष घोषित कर दिया है। हम गौ पालन और दुग्ध उत्पाद में भी आगे बढ़ रहें हैं। लेबर आधारित उद्योग जो लगाएगा, उसको भी हम जीरमजी के तहत लाभ पहुंचाएंगे।
पब्लिक वाणी के सवाल का मुख्यमंत्री ने दिया जवाब
पब्लिक वाणी न्यूज़ के प्रधान संपादक मृगेन्द्र सिंह के सवाल सूक्ष्म लघु उद्योग और ग्रामीण उद्योग को मिलाकर एक कर देना चाहिए, इसका जवाब देते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रकृतिक खेती के आधार पर किसान जो उत्पादन करते हैं, उनके लिए यह चुनौती रहती है। लेकिन हमने निर्णय किया है हर जिले में इसके लिए स्टॉल मार्केट तय कराएंगे, ताकि प्रकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा सकें। कृषि उपज मंडी में इसकी गुंजाइश नहीं थी तो आने वाले समय में इसी पर हम काम करेंगे।
Varsha Shrivastava 
