मऊगंज जिला अस्पताल में शुरू हुई फेको और याग लेजर मशीन की सुविधा, अब यहीं होगा मोतियाबिंद का ऑपरेशन

मऊगंज जिला अस्पताल में फेको और याग लेजर मशीन सहित आधुनिक नेत्र उपकरणों की सुविधा शुरू हुई। अब मरीजों को आंखों के इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

मऊगंज जिला अस्पताल में शुरू हुई फेको और याग लेजर मशीन की सुविधा, अब यहीं होगा मोतियाबिंद का ऑपरेशन

रिपोर्ट: राजेंद्र पयासी, मऊगंज

मऊगंज। जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। मऊगंज जिला अस्पताल में आंखों के अत्याधुनिक इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने अस्पताल में याग लेजर और फेको मशीन सहित अन्य आधुनिक नेत्र उपकरणों का शुभारंभ किया।

नई सुविधाओं के शुरू होने के बाद मोतियाबिंद और आंखों से जुड़ी अन्य समस्याओं के इलाज के लिए मरीजों को रीवा, चित्रकूट, प्रयागराज या बनारस जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल में तीन नई आधुनिक नेत्र मशीनें लगाई गई हैं। इनमें एक मशीन मोतियाबिंद के ऑपरेशन और दो मशीनें आंखों की नियमित जांच के लिए इस्तेमाल की जाएंगी।

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कहा कि जिला अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अस्पताल की नेत्र ओपीडी में प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। नई मशीनों से मरीजों को स्थानीय स्तर पर समय पर बेहतर इलाज मिलेगा और उनका समय व पैसा दोनों बचेगा।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मण पटेल ने बताया कि फेको मशीन से आधुनिक तकनीक के जरिए मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाएगा। इस तकनीक में छोटा चीरा लगता है, दर्द कम होता है और मरीज की रिकवरी भी तेजी से होती है। ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले लेंस भी शासन की ओर से अस्पताल को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

उन्होंने बताया कि याग लेजर मशीन से मोतियाबिंद के ऑपरेशन के कुछ वर्षों बाद लेंस में आने वाले धुंधलेपन का इलाज भी मऊगंज में ही किया जा सकेगा। अस्पताल में करीब 70 से 75 प्रतिशत आधुनिक नेत्र जांच सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं और बाकी मशीनें भी जल्द उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ भर्ती बच्चों और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वयं भी नई मशीनों की कार्यप्रणाली देखी और अपनी आंखों की जांच कराई।

इस अवसर पर बीएमओ डॉ. एस.डी. कोल, डॉ. प्रद्युम्न शुक्ला, डॉ. लक्ष्मण पटेल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नई मशीनों से मऊगंज के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।