भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी, कृषि सेक्टर को लेकर बड़ा फैसला

भारत और अमेरिका ने शनिवार, 7 फरवरी को अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट का फ्रेमवर्क जारी किया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच बिलेटरल ट्रेड (द्विपक्षीय व्यापार) को अंतिम रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी, कृषि सेक्टर को लेकर बड़ा फैसला

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका ने शनिवार, 7 फरवरी को अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट का फ्रेमवर्क जारी किया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच बिलेटरल ट्रेड (द्विपक्षीय व्यापार) को अंतिम रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह घोषणा लंबे समय तक चली बातचीत और अमेरिका की ओर से भारत के आयातित सामानों पर 25% टैरिफ में कटौती के ऐलान के बाद सामने आई है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि इस समझौते के तहत भारत ने अमेरिकी औद्योगिक वस्तुएं और खाद्य एवं कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म करने या उनमें काफी कमी करने पर सहमति दी है। इसमें- सूखे अनाज (DDG), पशुओं के चारे का लाल ज्वार, मेवे, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट शामिल हैं।

भारतीय सामानों पर 18% रेसिप्रोकल टैरिफ

इसके बदले में अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 18 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करने का ऐलान किया है। इसमें कपड़े, परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक केमिकल, होम डेकोर और मशीनरी की कुछ कैटेगरी शामिल हैं। अंतरिम समझौते के पूरा होने के बाद अमेरिका इन टैरिफ को हटा देगा। इसमें सामान्य दवाएं, हीरे और रत्न, और विमान के पुर्जे शामिल हैं।

विमानों और दवा सामग्री पर टैरिफ

व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि अमेरिका भारत से आयातित कुछ विमानों और विमान पुर्जों पर टैरिफ भी हटा देगा, जो पहले राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण लगाए गए थे। वहीं, जेनेरिक दवाओं और दवा सामग्री पर बातचीत अमेरिका की चल रही जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

कृषि और डेयरी पूरी तरह सुरक्षित: पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, कृषि और डेयरी प्रोडक्ट पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली है। इससे भारतीय निर्यातकों, एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुलेगा। निर्यात बढ़ने से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होंगे।”

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि यह समझौता किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसमें मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, इथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे कृषि और डेयरी प्रोडक्ट पूरी तरह संरक्षित हैं। इस समझौते से भारत और अमेरिका के आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और व्यापार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।