विदिशा में सीरिंज से नशा करने वाले: 11 युवक हुए HIV संक्रमित
विदिशा में सीरिंज से नशा करने वाले 11 युवक हुए HIV संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग हुआ चौंकन्ना
MP के विदिशा में इंजेक्शन से नशा करना युवकों को महंगा पड़ा गया। इसकी वजह से 11 युवा एचआईवी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। संक्रमण की पुष्टि होने के बाद इनका इलाज शुरू हो गया है। एचआईवी संक्रमण इंजेक्टेड सुई से भी फैलता है। जनवरी से सितंबर महीने तक सीरिंज से नशा करने वाले 11 युवक एचआईवी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग लोगों के बीच जागरूकता अभियान चला रही है।
11 युवा एचआईवी संक्रमित
हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट में लगभग 11 युवक एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। ये युवक इंजेक्शन से नशा करते थे। जिला स्वास्थ्य अधिकारी समीर किरार के अनुसार जनवरी से सितंबर तक लगभग 11 युवक एचआईवी पॉजिटिव पाए गए जो की इंजेक्शन से नशा करते थे।
340 इंजेक्ट ड्रग यूजर हैं पंजीकृत
परियोजना के आंकड़ों के अनुसार विदिशा जिले में 340 इंजेक्ट ड्रग यूजर पंजीकृत है। विदिशा प्रदेश के उन सात जिलों में आता है, जहां नशा करने वालों की संख्या बहुत अधिक है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि एचआईवी के बढ़ते मामलों का मुख्य कारण पुरानी सिरिंज का इस्तेमाल करना है क्योंकि जो लोग नशे के आदी हो जाते हैं, उन्हें मेडिकल द्वारा नई सिरेंज भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती।
नशा करने के लिए पुरानी सीरिंज का इस्तेमाल
ऐसे में नशा करने वाले लोग पुरानी सिरिंज का ही इस्तेमाल नशे के लिए करते हैं। जिले में रेड क्रॉस सोसाइटी और एड्स कंट्रोल सोसाइटी उन सिरिंज को एकत्रित कर रही है जो मुख्य रूप से नशे में उपयोग लाई जाती है। पहले उन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है, जहां पर नशा करने वाले लोग पहुंचते हैं। फिर आसपास पड़ी सीरिंज को इकट्ठा कर लैब टेस्ट के जरिए पता लगाया जाता है कि संक्रमण का स्तर क्या है।
गौरतलब है कि एचआईवी संक्रमण संक्रमित बल्ड और सेक्सुअल रिलेशन से फैलता है। संक्रमित बल्ड का ट्रांसमिशन सेविंग के दौरान या फिर सीरिंज के इस्तेमाल से होता है। हाल के दिनों में युवा वर्ग में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही शंका होने पर तुरंत जांच करवाए। समय से इलाज शुरू होने पर संक्रमित व्यक्ति सामान्य लाइफ जी सकता है।

