MP के दतिया में धारा 163 लागू, नरोत्तम का टिकट कटने के बाद भड़के समर्थकों ने काटा बवाल

डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद भड़के समर्थकों ने ग्वालियर-झांसी हाईवे पर लगाया 20 किमी लंबा जाम, पथराव में SP-SDOP समेत 8 पुलिसकर्मी घायल, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक

MP के दतिया में धारा 163 लागू, नरोत्तम का टिकट कटने के बाद भड़के समर्थकों ने काटा बवाल

दतिया: विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी बदले जाने के फैसले के बाद जिले की सियासत गरमा गई है। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने 10 जुलाई की शाम दतिया-झांसी हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन पूरी रात जारी रहा। 11 जुलाई की सुबह पुलिस ने जाम हटाने की कार्रवाई की, जिसके दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े गए। वहीं, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प तथा पथराव भी हुआ। टिकट घोषित होने के बाद से ही सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता दतिया-झांसी हाईवे पर जुट गए थे। वे रातभर 'नरोत्तम मिश्रा जिंदाबाद' और 'टिकट वापस लो' के नारे लगाते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक पार्टी अपना फैसला वापस नहीं लेगी, वे सड़क से नहीं हटेंगे।

11 जुलाई की सुबह भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जाम समाप्त कराने का प्रयास किया। प्रशासन के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन ने इससे इनकार किया। इस बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। मौके पर कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।

प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काबू करने आंसू गैस भी छोड़ी।

11 जुलाई सुबह एक बार फिर हंगामे की स्थिति बनी, जिसे पुलिस ने कंट्रोल कर लिया।

आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाने के विरोध में सड़क पर बैठीं महिलाएं।

दतिया में बड़ी संख्या में नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में उतरे कार्यकर्ता आशुतोष तिवारी के खिलाफ की नारेबाजी की

धारा 163 लागू, बिना अनुमति सभा-जुलूस पर रोक

मध्य प्रदेश के दतिया में जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना अनुमति किसी भी सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्‌ठा होने पर भी रोक लगा दी गई है।

SP क्या बोले ?

एसपी ने कहा कि पुलिस ने किसी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया और स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने हाईवे से जाम हटवा दिया। इसके बाद दतिया-झांसी मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया। हालांकि, आंदोलनकारी कार्यकर्ता अब भी अपने रुख पर कायम हैं। उनका कहना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही दतिया की पहचान हैं और वे भाजपा प्रत्याशी बनाए गए आशुतोष तिवारी को स्वीकार नहीं करेंगे। एक कार्यकर्ता ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर टिकट नहीं बदला गया तो दोबारा हाईवे जाम किया जाएगा। बढ़ते विरोध को देखते हुए दतिया भाजपा जिला कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग भी की गई है।

 भाजपा ने आशुतोष तिवारी को संगठन का मजबूत और संघनिष्ठ चेहरा बताते हुए उम्मीदवार बनाया है, लेकिन नरोत्तम समर्थकों का विरोध पार्टी के लिए चुनाव से पहले बड़ी चुनौती बनता दिख रहा है। दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि 10 जुलाई की शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुआ चक्का जाम 11 जुलाई की सुबह लगभग 5 बजे तक चला। इसके कारण दतिया-झांसी हाईवे पर 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें कई बसें और एंबुलेंस भी फंस गईं।

क्या बोले कलेक्टर ?

कलेक्टर के मुताबिक, प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारी पथराव किया, जिसमें आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। एसपी और भांडेर के एसडीओपी को भी चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया। जवानों ने केवल सड़क पर लाठियां पटककर भीड़ को पीछे हटाया। कलेक्टर के अनुसार उपद्रवियों ने 5 से 6 ट्रकों के शीशे तोड़ दिए, कुछ वाहनों को पलट दिया, आग लगाने का प्रयास किया, एसडीओपी की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और एक पुलिस वाहन को भी पलट दिया।

कलेक्टर ने बताया कि उपचुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मुरैना से दो अतिरिक्त कंपनियां, एक क्यूआरएफ कंपनी और सीआरपीएफ की 17 कंपनियां बुलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगे भी कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास किया गया तो प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। दतिया उपचुनाव नजदीक होने के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं का विरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व इस असंतोष को कैसे संभालता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

जाम में फंसे यात्री बोले- घंटों से परेशान

हाईवे जाम के कारण ट्रक और अन्य वाहन घंटों फंसे रहे। कई वाहन चालकों ने बताया कि वे कई घंटे से भूखे-प्यासे जाम में खड़े हैं और आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा।

 ट्रैफिक डायवर्ट, PHQ से मांगा अतिरिक्त पुलिस बल

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने झांसी और ग्वालियर की ओर जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया। दतिया और ग्वालियर पुलिस ने संयुक्त रूप से यातायात व्यवस्था संभाली। एडिशनल एसपी मंजीत सिंह चावला ने बताया कि जिले में कई स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। हालात को देखते हुए पुलिस मुख्यालय (PHQ) से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

व्यापारियों का विरोध जारी, नहीं खोले बाजार

दतिया में भाजपा प्रत्याशी को लेकर जारी विवाद के बीच व्यापारियों का विरोध भी जारी है। 11 जुलाई सुबह 10 बजे तक शहर के अधिकांश बाजार बंद रहे और व्यापारिक गतिविधियां शुरू नहीं हो सकीं। व्यापारी संगठनों ने टिकट बदलने के विरोध में बाजार बंद रखकर अपना समर्थन जताया।

भाजपा कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात, कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा

दतिया में भाजपा कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया है। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और एसपी भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने भाजपा कार्यालय के आसपास किसी भी समर्थक या कार्यकर्ता के जुटने की अनुमति नहीं दी है। जो भी कार्यकर्ता वहां पहुंच रहा है, उसे पुलिस हिरासत में लेकर बसों में बैठाकर एहतियातन नजरबंद कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे इलाके पर प्रशासन की लगातार नजर बनी हुई है।