इंदौर: ‘माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ का शुभारंभ: रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश पर जोर
इंदौर दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पुण्योंदय प्रकल्प के 22वें वर्ष के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल, बोले- युवाओं को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता
इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शनिवार को इंदौर दौरा पूरी तरह युवाओं, शिक्षा और जनभागीदारी को समर्पित रहा। उन्होंने शहर में आयोजित दो प्रमुख कार्यक्रमों—‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ और ‘पुण्योदय प्रकल्प’—में भाग लिया। इससे पहले इंदौर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार की रोजगार, उद्योग, कौशल विकास और युवा सशक्तिकरण से जुड़ी प्राथमिकताओं को साझा किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर के प्रसिद्ध जायकों का भी स्वाद लिया। नागौरी की शिकंजी पीने के बाद उन्होंने कांजी वड़ा और पेड़े का स्वाद भी चखा। इसके बाद ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर से साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पुण्योदय प्रकल्प में विद्यार्थियों को मिली प्रेरणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित ‘पुण्योदय प्रकल्प’ के 22वें वर्ष के शुभारंभ कार्यक्रम में भी भाग लिया। हिंद रक्षक संगठन द्वारा संचालित इस अभियान के तहत 11 जुलाई से 11 अगस्त तक आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और शासकीय विद्यालयों के करीब 60 हजार विद्यार्थियों को 3 लाख निःशुल्क अभ्यास पुस्तिकाएं वितरित की जाएंगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाते हुए मित्रों की सहायता करने का संदेश दिया। इस दौरान वे बच्चों के बीच जमीन पर बैठकर छात्राओं से आत्मीय संवाद करते भी नजर आए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कार और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा मिलना इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है। समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को शिक्षा के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार बड़े स्तर पर सांदीपनि उत्सव मना रही है और आज सांदीपनि विद्यालय पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहले उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात बढ़ा और अब प्रदेश में स्कूल शिक्षा की ड्रॉपआउट दर शून्य होने का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, रोजगार और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और ऐसे प्रयासों से विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण को नई गति मिलेगी।
माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव’ में जुटे 5 हजार युवा
ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 5 हजार युवाओं ने भाग लिया। ‘वन स्टेट, वन जनरेशन, वन संकल्प’ थीम पर आधारित इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को प्रदेश के विकास से जोड़ना था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे युवा राज्यों में शामिल है और यहां की युवाशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार विभिन्न विभागों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही है, ताकि युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिल सके। उन्होंने युवाओं से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
युवाओं के सुझावों से बनेगा विकास का रोडमैप
कॉन्क्लेव में शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्टार्टअप, एमएसएमई, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण, संस्कृति, पर्यटन और जनभागीदारी जैसे विषयों पर संवाद सत्र और कार्यशालाएं आयोजित की गईं। पांच समानांतर विषयगत कार्यशालाओं में युवाओं ने अपने क्षेत्रों की चुनौतियों, संभावनाओं और समाधान पर चर्चा की। इन सुझावों के आधार पर प्रदेश का सामूहिक ‘युवा संकल्प’ तैयार किया जाएगा, जो विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के विजन को दिशा देगा।

कार्यक्रम में मोटर साइकिल और साइकिल रैली, युवा उपलब्धि सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, संवाद सत्र, म्यूजिक स्टेज और इंदौरी फूड स्ट्रीट भी आकर्षण का केंद्र रहे। अंत में हजारों युवाओं ने विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
मीडिया से सीएम बोले- रोजगार सरकार की प्राथमिकता
कॉन्क्लेव से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप युवाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश देश के सबसे युवा राज्यों में से एक और युवाशक्ति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत। सरकार की योजनाओं से युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिल रही है। विभिन्न विभागों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर लगातार सृजित किए जा रहे हैं। साथ ही सीएम ने युवाओं से योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राज्य सरकार रोजगारपरक गतिविधियों और उद्योगों को लगातार बढ़ावा दे रही है। साल 2025 को 'रोजगार एवं उद्योग वर्ष' के रूप में मनाकर मध्यप्रदेश ने देशभर में सकारात्मक संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, महिला और किसान सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए सरकार कार्यरत है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार प्रत्येक युवा को आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

सीएम ने कहा कि युवाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उनके सपनों को साकार किया जा रहा है। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 'माय यूथ माय प्राइड कॉन्क्लेव' नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक युवा राज्य के विकास की सबसे बड़ी ताकत हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कॉन्क्लेव नई संभावनाओं और नए अवसरों का सशक्त मंच बनेगा।
Varsha Shrivastava 
