मध्य प्रदेश ओबीसी आरक्षण पर सुनवाई फिर टली

मध्य प्रदेश में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद की सुनवाई एक बार फिर टल गई है।

मध्य प्रदेश ओबीसी आरक्षण  पर सुनवाई फिर टली

मध्य प्रदेश में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण को लेकर चल रहे विवाद की सुनवाई एक बार फिर टल गई है। सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर पहले 8 अक्टूबर से नियमित सुनवाई शुरू होनी थी, लेकिन उस दिन सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि सुनवाई 9 अक्टूबर से की जाए। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार कर लिया था, लेकिन अब एक बार फिर तुषार मेहता ने अदालत से और समय मांगा है।इसका मतलब यह है कि अब भी इस मामले की सुनवाई आगे के लिए टल गई है और फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है

सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस मुद्दे पर नोटिस जारी कर चुका है, यानी उसने इस मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।वहीं, विपक्षी पार्टी कांग्रेस लगातार राज्य सरकार पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जानबूझकर इस मामले में देरी कर रही है और ओबीसी समुदाय के आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर सही ढंग से काम नहीं कर रही।

कुल मिलाकर, ओबीसी आरक्षण से जुड़ा यह मामला अब भी अधर में लटका हुआ है, और इसका हल निकलने में समय लग सकता है।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में OBC आरक्षण मामले में तकनीकी पक्षों का हवाला देकर और वक्त मांगा। अब सुनवाई नवंबर के पहले हफ्ते में होगी।मध्यप्रदेश की भर्ती परीक्षाओं में 87:13 फॉर्मूले के चलते 13% रिजल्ट रोके गए हैं। इससे कई युवा ओवरएज हो गए, कुछ ने नौकरी की आस छोड़ पढ़ाई तक छोड़ दी।
मध्यप्रदेश में अब इसको लेकर सियासत शुरू हो गई है मध्यप्रदेश  कांग्रेस के नेताओं ने इस ओबीसी आरक्षण पर  सरकार को घेरा है।ओर कहा कि मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग के युवाओं के साथ उनके भविष्य के साथ मुख्यमंत्री  ओर भारतीय जनता पार्टी पिछड़ों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है