भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिषियों महासम्मेलन

राजधानी भोपाल में पहली बार उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिषियों सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिषियों महासम्मेलन

राजधानी भोपाल में पहली बार उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिषियों सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें प्राचीन एवं अर्वाचीन संदर्भ में ज्योतिष के विषयों पर चर्चा की जाएगी। 28 और 29 जनवरी को शासकीय रामानंद संस्कृत महाविद्यालय गुफा मंदिर लालघाटी में होने वाले इस सम्मेलन में 6 सत्र होंगे। जिसमें प्रदेश के विविध प्रांत और देश के विशिष्ठ संस्थाओं से लगभग 100 प्रतिभागी और विद्वान अपने शोध पत्रों का वाचन करेंगे।

उ‌द्घाटन समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त महोदय प्रबल सिपाहा, डॉ शैलेंद्र श्रीवास्तव सेवानिवृत्ति आईपीएस अधिकारी, परशुराम बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया, उच्च शिक्षा विभाग भोपाल नर्मदापुरम संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ मथुरा प्रसाद, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष प्रो अमित कुमार शुक्ल एवं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष प्रो भारत भूषण मिश्रा, महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के ज्योतिर्विज्ञान के विभाग अध्यक्ष डॉ शुभम शर्मा आदि विद्वान मौजूद शामिल होंगे।

डॉ. सरला चतुर्वेदी कर रहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सरला चतुर्वेदी कर रहीं हैं और कार्यक्रम के संयोजक डॉ. गणेश त्रिपाठी सहायक हैं।ऑनलाइन और ऑफलाइन रूप से सम्मिलित होने वाले लगभग 200 शोधार्थियों का आवेदन पत्र अभी तक प्राप्त हो चुके हैं। 1986 से संचालित यह महाविद्यालय अपने आप में अभूतपूर्व है और पहली बार ज्योतिष के विषयों को लेकर देश के विविध वि‌द्वानों ‌द्वारा मंथन किया जाएगा।

समसामयिक ज्योतिष के विषयों पर चर्चा

इस सम्मेलन में वाराणसी, उज्जैन, भोपाल, दरभंगा, देवेंद्र नगर पन्ना, इंदौर, सीधी, ग्वालियर आदि स्थान से विशिष्ट गण मान्य लोग उपस्थित होंगे। जिसमें समसामयिक ज्योतिष के विषयों पर चर्चा होगी। पंचांग की एकरूपता को लेकर के चर्चा होगी। व्रत पर्व निर्धारण को लेकर के चर्चा होगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं ज्योतिष तथा नवीन शिक्षा नीति में ज्योतिष आदि विषयों को लेकर के चर्चा होगी। सम्मेलन में उपस्थित होने वाले समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। सभी प्राप्त उत्कृष्ट शोध लेखो का प्रकाशन महावि‌द्यालय की स्मारिका में किया जाएगा।