संस्कृति के रंग-महक से फिर गुलजार होगा 'विश्व रंग'

संस्कृति के रंग-महक से फिर गुलजार होगा 'विश्व रंग' चार दिन, 90 सत्र, 35 देश, 1000 प्रतिभागी होगें शामिल

संस्कृति के रंग-महक से फिर गुलजार होगा 'विश्व रंग'

भोपाल ठंड की गुलाबी दस्तक के साथ एक बार फिर विश्व रंग से गुलजार होने जा रहा है। टैगोर अन्तरराष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव अपना सातवां पायदान तय करते हुए चार दिनों तक विभिन्न गतिविधियों का अनूठा विश्वरंग महोत्सव रवीन्द्र भवन के विशाल परिसर में आयोजित होगा। 27 से 30 नवंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में अस्सी से भी अधिक सत्र संवाद, विचार, विमर्श और कलात्मक अभिव्यक्ति कई रंग देखने को मिलेगें। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्ववि‌द्यालय, विश्वरंग फाउण्डेशन और उसके सहयोगी केन्द्रों की पहल पर म.प्र. शासन संस्कृति विभाग सहित देश-विदेश की पचास से भी अधिक संस्थाओं की भागीदारी से यह विशाल समागम आयोजित होगा। भारत के विभिन्न क्षेत्रों के मूर्धन्य चिंतकों, विचारकों और विशेषज्ञों के साथ ही विश्व के 35 से भी अधिक देशों के प्रतिनिधि यहाँ साझा संस्कृति की मिसाल पेश करेंगे। किसी भी अशासकीय संस्था के संयोजन में होने वाला यह एशिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक कुंभ है।