Mauganj: धान खरीदी केंद्र स्थल बदलाव से भड़के किसान, कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
मऊगंज में धान खरीदी केंद्र को बन्नई से डिहिया स्थानांतरित करने के विरोध में किसानों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचकर स्थल बहाली और विवादित समिति प्रबंधक को हटाने की मांग की।
मऊगंज : जिले में धान खरीदी केंद्र के स्थल बदले जाने को लेकर किसानों में भारी आक्रोश पनप गया है। इसी विरोध को लेकर नईगढ़ी विकासखंड के सेवा सहकारी समिति बन्नई के अंतर्गत आने वाले दर्जनों किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए खरीदी केंद्र को पुनः पुराने स्थल पर बहाल करने की मांग की।
खरीदी केंद्र बदलाव पर किसानों का आक्रोश
किसानों ने कहा कि वर्षों से ग्राम बन्नई में संचालित परंपरागत खरीदी केंद्र अचानक बिना किसी ठोस कारण के ग्राम डिहिया स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि बन्नई में पर्याप्त स्थान, सुविधाएँ और किसानों की आसान पहुँच उपलब्ध है। किसानों के अनुसार, यह निर्णय एकतरफा और किसान हितों के विरुद्ध है, जिससे विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

किसानों ने प्रबंधक पर लगाए गंभीर आरोप
किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नृपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि खरीदी केंद्र को ग्राम डिहिया स्थानांतरित किए जाने के पीछे समिति प्रबंधक राजकुमार कुशवाहा की भूमिका संदिग्ध है, क्योंकि डिहिया उनका गृह ग्राम है। किसानों ने समिति प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खाद्यान्न अनियमितताओं के मामलों में उनके विरुद्ध पूर्व में एफआईआर दर्ज हो चुकी है तथा उन पर धारा 3/7 ईसी एक्ट के तहत भी प्रकरण पंजीबद्ध हुआ था, जिसमें गिरफ्तारी तक हुई थी। संबंधित मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।किसानों ने कहा कि ऐसे विवादित प्रबंधक को संरक्षण देते हुए वर्षों से संचालित बन्नई खरीदी केंद्र को हटाकर डिहिया स्थानांतरित करना पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। किसानों ने आरोप लगाया कि यह निर्णय व्यक्तिगत हितों से प्रेरित है और इससे खरीदी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होगी।
मऊगंज किसान कलेक्ट्रेट कार्यालय
करीब दो दर्जन से अधिक किसान कलेक्ट्रेट पहुँचकर समिति प्रबंधक को हटाने तथा खरीदी केंद्र को डिहिया से वापस ग्राम बन्नई स्थानांतरित करने की मांग पर अड़े रहे। किसानों का कहना है कि बन्नई लंबे समय से एक सुविधायुक्त और सुव्यवस्थित खरीदी केंद्र रहा है, जहाँ किसान बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेचते आए हैं।किसानों की एकजुटता और विरोध ने जिले के विभागीय अधिकारियों के निर्णयों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों ने साफ कहा कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की मनमानी वे स्वीकार नहीं करेंगे।
sanjay patidar 
