धीरेंद्र शास्त्री को गार्ड ऑफ ऑनर क्यों?: MP में सियासी घमासान

धीरेंद्र शास्त्री को गार्ड ऑफ ऑनर क्यों? MP में सियासी घमासान, कांग्रेस ने उठाए सवाल तो BJP ने दिया जवाब

धीरेंद्र शास्त्री को गार्ड ऑफ ऑनर क्यों?: MP में सियासी घमासान
 भोपाल: मध्य प्रदेश में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस सम्मान को लेकर राज्य की सियासत में पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस ने इस मामले में सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं वहीं बीजेपी ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस का हमला किस नियम के तहत दिया गया सम्मान?

कांग्रेस ने घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार पूरी तरह से संविधान विरोधी हो चुकी है। यह स्पष्ट होना चाहिए की आखिर किस नियम और कानून के तहत एक निजी संत को गार्ड ऑफ ऑनर का सम्मान दिया गया? यह आपत्तिजनक है और इसके पीछे आखिर किसका आदेश या निर्देश, है इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।
 
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई पर हत्या, हत्या के प्रयास और अवैध कब्जे जैसे गंभीर मामलों के आरोप हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है, नियम-कायदे और अनुशासन खत्म हो चुके हैं और फर्जी बाबाओं के सामने सरकार नतमस्तक हो रही है। साथ ही ओरछा मंदिर का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि हिंदू विरोधी बीजेपी सरकार में मठ-मंदिरों से पारंपरिक व्यवस्थाएं हटाई जा रही हैं।

बीजेपी का पलटवार: ‘कांग्रेस को नहीं चाहिए सनातन का सर्टिफिकेट’

कांग्रेस के आरोप पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने कहा कि देश और प्रदेश में कानून सबके लिए एक है। समाज के हर वर्ग और समुदाय में बाबा के भक्त मौजूद हैं। किसके कहने पर और किस स्थिति में क्या हुआ है, इसे लेकर जिम्मेदार अधिकारी ही इसकी पूरी समीक्षा करेंगे।