Shivraj Singh Chauhan का बड़ा प्लान: 230 महिलाओं को ट्रेनिंग; 80 को स्वरोजगार के लिए लोन मंजूर
भोपाल में शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 230 महिलाओं ने ब्यूटीशियन और सिलाई की ट्रेनिंग ली, जबकि 80 के लोन मंजूर हुए। 86 हजार बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने की तैयारी है।

कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सिर्फ प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने की पहल है। उन्होंने बताया कि पहले बैच में विदिशा संसदीय क्षेत्र के विदिशा, सीहोर, देवास और रायसेन जिलों की 230 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया। इनमें से 80 महिलाओं के लोन मंजूर किए गए हैं। प्रशिक्षण का अगला बैच 27 अक्टूबर से शुरू होगा।
86 हजार बेटियों को सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने की तैयारी
शिवराज सिंह चौहान ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना का दायरा बढ़ाने की योजना भी साझा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किए गए विश्लेषण के मुताबिक करीब 86 हजार बेटियों को इस योजना से जोड़ने की संभावना है।
योजना के तहत बेटियों के खातों में पहली किस्त के रूप में 1,000 रुपये जमा कराने का विचार है, ताकि परिवारों को बचत की शुरुआत करने में मदद मिले। इसके बाद परिवार नियमित रूप से राशि जमा कर सकें और बेटियों की पढ़ाई व भविष्य की जरूरतों के लिए रकम जुटा सकें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जानकारी की कमी और आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई परिवार इस योजना का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे परिवारों को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

हर परिवार को आजीविका से जोड़ने की तैयारी
केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने के लिए समृद्ध गांव अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य गांव के हर परिवार को किसी न किसी आजीविका गतिविधि से जोड़ना है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
उन्होंने माना कि यह काम आसान नहीं है और इसमें समय लगेगा, लेकिन ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
मंडीदीप में खुलेगा स्किल सेंटर?
शिवराज सिंह चौहान ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मंडीदीप में स्किल सेंटर शुरू करने की योजना पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मंडीदीप में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां हैं। ऐसे में स्थानीय फैक्ट्रियों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सकता है।

इससे युवाओं को जरूरी कौशल सीखने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, कोचिंग सेंटरों को स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम करने की बात कही गई।
किसानों को आधुनिक खेती की ट्रेनिंग, खेतों पर होंगे डेमो
कृषि मंत्री ने किसानों को उन्नत खेती की तकनीकों से जोड़ने की योजना भी बताई। उन्होंने कहा कि किसानों के समूहों को दूसरे राज्यों में भेजकर आधुनिक कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। प्रशिक्षण लेकर लौटने वाले किसान अपने गांव में दूसरे किसानों को भी नई तकनीकों की जानकारी दे सकेंगे।
उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों पर प्रदर्शन आधारित खेती यानी डेमोंस्ट्रेशन कराए जाएंगे। इसके लिए चयनित किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराकर करीब एक-एक एकड़ में उन्नत खेती के मॉडल तैयार करने की योजना है।
गेहूं, धान, फल और सब्जियों सहित अलग-अलग फसलों की बेहतर खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करना और कृषि उत्पादन में सुधार लाना है।

बेटियों को सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसर देने पर जोर
कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना जरूरी है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों को हुनर, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा के अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने प्रशिक्षण, स्वरोजगार, कौशल विकास, कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी पहलों के जरिए लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने की बात कही।
इस कार्यक्रम में महिलाओं के प्रशिक्षण और ऋण सहायता के साथ बेटियों की बचत, ग्रामीण आजीविका, युवाओं के कौशल विकास और आधुनिक खेती से जुड़े कई मुद्दे सामने आए।

