MP: CM डॉ. मोहन यादव के OSD बने रिटायर्ड IAS अजातशत्रु श्रीवास्तव, आज संभाला कार्यभार

राज्य सरकार ने रिटायर्ड IAS अधिकारी अजातशत्रु श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का OSD नियुक्त किया

MP: CM डॉ. मोहन यादव के OSD बने रिटायर्ड IAS अजातशत्रु श्रीवास्तव, आज संभाला कार्यभार
Retired IAS Ajatshatru Srivastava

मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर एक अहम नियुक्ति की गई है। राज्य सरकार ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अजातशत्रु श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) नियुक्त किया है। उन्होंने बुधवार को औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया। यह नियुक्ति महेश चंद चौधरी को इस पद से हटाए जाने के बाद की गई है। सरकार के आदेश के अनुसार अजातशत्रु श्रीवास्तव तत्काल प्रभाव से मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।

दो दिनों से मुख्यमंत्री आवास में देखी जा रही थी आवाजाही 

हालांकि पिछले दो दिनों से मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय में अजातशत्रु श्रीवास्तव की आवाजाही देखी जा रही थी, जिससे उनके OSD बनने की अटकलें तेज हो गई थीं। अब आदेश जारी होने के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इस नियुक्ति को मुख्यमंत्री कार्यालय को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाते हैं अजातशत्रु श्रीवास्तव 

अजातशत्रु श्रीवास्तव प्रदेश के वरिष्ठ और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाते हैं। अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने राज्य के कई जिलों में कलेक्टर के रूप में कार्य किया और कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। खासकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में वे सरकार के कई महत्वपूर्ण फैसलों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का हिस्सा रहे। नीति निर्माण, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका को हमेशा प्रभावशाली माना गया है। सरकार ने उनके अनुभव को देखते हुए रिटायरमेंट के बाद भी सेवाओं का लाभ लेने का फैसला किया है। 

2 अन्य वरिष्ठ पूर्व अधिकारियों को भी दिया गया 1 साल का एक्सटेंशन 

इसी क्रम में राज्य सरकार ने दो अन्य वरिष्ठ पूर्व अधिकारियों को भी एक वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान किया है। पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार हिंगणकर और पूर्व आईएएस अधिकारी गोपाल चंद्र डाड को भी एक साल का एक्सटेंशन दिया गया है। दोनों अधिकारी वर्तमान में सलाहकार और प्रशासनिक भूमिकाओं में कार्यरत हैं और सरकार ने उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें बनाए रखने का निर्णय लिया है।