राजस्व मंत्री करण सिंह का रिपोर्ट कार्ड: 2 साल में पटवारियों की व्यापक भर्ती हुई, हर हल्के में एक पटवारी पदस्थ
मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अपने विभाग की 2 साल की उपलब्धियां गिनाईं और आगामी कार्य योजनाओं की जानकारी भी दी।
भोपाल: मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग की 'साइबर तहसील' पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2023 से सम्मानित किया है। साइबर तहसील के नवाचार ने भूमि नामांतरण जैसी जटिल प्रक्रिया को पारदर्शी और नागरिकों के लिए सरल बनाया है। यह बात मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में कही। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार के दो साल पर 24 दिसंबर को खाद्य राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने अपने विभाग की 2 साल की उपलब्धियां गिनाईं और आगामी कार्य योजनाओं की जानकारी भी दी।
स्वामित्व योजना से किसानों को मिला लाभ
राजस्व मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने स्वामित्व योजना लागू की। स्वामित्व योजना से अब तक 40 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ मिल चुका है। 2 लाख करोड़ से ज्यादा किसानों को फसलों के नुकसान होने पर राहत राशि दी गई। मंत्री करण सिंह वर्मा ने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री खुद खेतों में किसानों से मिलने गए।
2 साल में पटवारियों की व्यापक भर्ती हुई
राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5200 नए पटवारियों की भर्ती की गई है। पहले पटवारियों की कमी थी, अब हर हल्के में एक पटवारी पदस्थ है, इससे किसानों को सुविधा मिल रही है। सायबर तहसील से 6 हजार से ज्यादा नामांतरण किए गए हैं। राजस्व विभाग ने साइबर तहसील पहल से राज्य में भूमि नामांतरण सेवाओं को पूरी तरह से डिजिटल, प्रभावी और नागरिकों के अनुकूल बनाकर एक बड़ा बदलाव किया है। साइबर तहसील जैसे नवाचारों से प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार हुआ है। आने वाले समय में किसानों को डायवर्सन के लिए तहसील का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। विभाग को सिर्फ सूचना देने पर काम हो जाएगा, इस पर विभाग का काम कर रहा है।
सरकार ने राहत राशि बढ़ाई
मंत्री वर्मा ने ये भी कहा कि, मुख्यमंत्री का निर्देश है कि भ्रष्टाचार समाप्त होना चाहिए, लोगों को न्याय मिले और लोगों के धन का बचाव हो इसे लेकर हम समर्पित हैं। पहले प्राकृतिक आपदा पर लोगों को राहत राशि कम मिलती है, अब सरकार ने राशि को बढ़ा दिया है। कांग्रेस सरकार के समय राजस्व विभाग में इस तरह का काम नहीं होता था।
3 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित किया
राजस्व प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से प्रदेशभर में विभाग ने 3 चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित किया है। 6 महीने से अधिक लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया गया है और 1 करोड़ से अधिक राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है। प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए 7 सीटर कॉल सेंटर की स्थापना हुई है। मुख्य सचिव के निर्देशानुसार 07/04/2025 को पर्यावास भवन में 7 सीटर कॉल सेंटर की स्थापना हुई है। 22/12/2025 की अवधि में कुल 1013 पीठासीन अधिकारियों से लगातार संपर्क कर शासन के निर्देशों से अवगत कराया गया है। वर्तमान में छह माह से अधिक लंबित प्रकरणों की संख्या 8963 से घटकर 150 रह गई है।
भूमि सर्च के नागरिक के अधिकार
भूलेख पोर्टल नवीन वर्जन 2.0 दिनांक 01-08-2025 से संपूर्ण प्रदेश में लागू नागरिकों को स्वयं की भूमि का अभिन्यास देखने की सुविधा। मोबाइल एप ने भू-अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने की सुविधा। 15 करोड़ पुराने राजस्व अभिलेखों (खसरा पंचसाला, नामांतरण पंजी, अधिकार अभिलेख, री-नंबरिंग सूची, निस्तार पत्रक) का डिजिटाइजेशन कार्य माह सितम्बर-2025 से 12 जिलों में शुरू है। कम समय एवं पैसे में कृषक स्वयं अपनी भूमि की सर्च रिपोर्ट ज्ञात कर सकेगा।
वित्तीय वर्ष 2023-24- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए रु. 3 हजार 90 करोड़ का बजट प्रावधान।
प्रभावित किसानों को 761 करोड़ 96 लाख रुपए की राहत राशि दी
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3 हजार 442 करोड़ का बजट प्रावधान।
प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की पूर्व तैयारी के लिए रु. 204 करोड़ 6 लाख व्यय।
प्रभावितों को राहत राशि रु. 667 करोड़ 31 लाख वितरित।
इस प्रकार कुल राशि रु. 871 करोड़ 37 लाख व्यय
वित्तीय वर्ष 2025-26 :-3 हजार 650 करोड़ का बजट प्रावधान।
प्राकृतिक आपदाओं से बचाव की पूर्व तैयारी के लिए अब तक रु. 33 करोड़ 37 लाख व्यय।
वर्ष 2025-26 में अब तक पूर्व तैयारियों एवं प्रभावितों को राहत के लिए 2 हजार 68 करोड़ 99 लाख रुपए का व्यय।
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