MSP पर खरीदा 18.82 करोड़ का गेहूं गायब, विपक्ष ने सरकार से मांगा हिसाब
मध्य प्रदेश के 13 जिलों से एमएसपी पर खरीदा गया 7,168 टन गेहूं रहस्यमय तरीके से गायब होने पर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं, जबकि खाद्य मंत्री ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के गायब होने के मामले को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि, "माल ट्रकों से गया है, जांच होनी चाहिए। प्रदेश की जनता के पैसे का सरकार को हिसाब देना होगा। गेहूं कहां गया, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।"
इस मामले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी नाराजगी जाहिर करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कलेक्टरों को जांच के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि मध्य प्रदेश के 13 जिलों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया 7,168 टन गेहूं, जिसकी कीमत 18.82 करोड़ रुपये थी, गायब हो गया है। इस मामले के सामने आने के बाद खाद्य विभाग और सरकार पर सवाल उठने लगे हैं।
दरअसल, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया गेहूं गोदामों में पहुंचने के लिए भेजा तो गया था, लेकिन बीच रास्ते में ही गायब हो गया। इस घोटाले के सामने आने के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है।


