भीषण जल संकट के बाद जागा प्रशासन: इंदौर में ग्राउंडवाटर रिचार्जिंग को बनाया जनआंदोलन

इंदौर में जल संरक्षण की बड़ी पहल: रीगल से पलासिया तक 95% इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित

भीषण जल संकट के बाद जागा प्रशासन: इंदौर में ग्राउंडवाटर रिचार्जिंग को बनाया जनआंदोलन

स्वच्छता में सात बार देश में अव्वल रहने के बाद अब इंदौर शहर ने जल संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। शहर में वाटर रीचार्जिंग यानि बारिश का पानी सीधे जमीन में उतारने के लिए अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में जल संकट से निपटा जा सके।

इसके लिए महात्मा गांधी प्रतिमा रीगल चौराहा से लेकर लोकमान्य तिलक प्रतिमा पलासिया चौराहा तक की सड़क के दोनों ओर स्थित लगभग 95 प्रतिशत इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सफलतापूर्वक लगा दिए गए हैं। 

गर्मी के मौसम में था भीषण जल संकट

इस साल गर्मी के मौसम में इंदौर को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ा, जिसके कारण भूजल स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई। पानी की किल्लत को लेकर पूरे शहर में हाहाकार मचा रहा, जिसके विरोध में जनता ने कई जगह प्रदर्शन किए।

इसी मुद्दे पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी नगर निगम मुख्यालय के बाहर उग्र 'मटका फोड़ प्रदर्शन' कर प्रशासन को घेरा था। इस चौतरफा दबाव और भविष्य के संकट से निपटने के लिए अब इंदौर नगर निगम ने जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि शहर में वाटर रीचार्जिंग को अब एक व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है, जिसके तहत विशेष रूप से रीगल चौराहे से लेकर पलासिया चौराहे तक नई तकनीक पर आधारित वाटर रिचार्जिंग पिट बनाए जा रहे हैं। आधुनिक तकनीक के इन पिट्स के माध्यम से बारिश के पानी को सीधे जमीन के भीतर उतारकर भूजल स्तर को तेजी से सुधारा जाएगा।

इस क्षेत्र में मौजूद सभी तरह की कमर्शियल और रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स को इस मुहिम से जोड़ा गया है। इस कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए महापौर ने खुद सुबह क्षेत्र का दौरा किया और जमीनी हकीकत देखी।

उन्होंने इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए सड़क के दोनों ओर रहने वाले नागरिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। महापौर ने कहा कि इंदौरवासियों की सजगता के कारण ही यह अभियान सफल हो रहा है, जिससे आने वाले समय में पानी की किल्लत कम होगी।