21 January 2026: नगर निगम की वाटर टेस्टिंग लैब से लेकर आयुर्वेदिक सिरप सैंपल जांच में फेल होने तक, पढ़ें इंदौर की आज की खबरें
बीआरटीएस हटाने पर फिर अटका पेंच। सराफा चौपाटी को लेकर असमंजस बरकरार। युवक ने मानसिक प्रताड़ना तंग आकर खाया जहर।
नगर निगम खुद की वाटर टेस्टिंग लैब को फिर से शुरू
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी का मामला सामने आने के बाद अब नगर निगम खुद की वाटर टेस्टिंग लैब को फिर से शुरू करने जा रहा है। इसके लिए विशेषज्ञों की नगर निगम के द्वारा भर्ती भी निकाली गयी है। सालों पहले इंदौर में घरों तक भेजे जाने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर सैंपल लिए जाते थे, नगर निगम में ही पानी की जांच की सुविधा थी, लेकिन नगर निगम की लैब में पदस्थ कर्मचारियों की सेवा समाप्त होने और कुछ कर्मचारियों का ट्रांसफर होने के कारण यह लैब बंद हो गई।

अब नगर निगम इस लैब को फिर से शुरू करने जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने केमिस्ट और एक्सपर्ट की पोस्ट के लिए वेकैंसी भी निकाली है। सीधी भर्ती के माध्यम से नगर निगम इन पदों पर नियुक्ति कर इस प्रयोग शाला को शुरू करने जा रहा है। हालांकि, अभी फिलहाल नगर निगम हफ्ते में 1 बार हो रही जल सुनवाई के जरिए ही आम जनता की पानी से जुड़ी समस्या को सुन रहा है। लैब शुरू होने के बाद शहर की 105 पानी की टंकियों से सैंपल लेकर मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
BRTS हटाने पर फिर अटका पेंच, ठेकेदार ने किया सरेंडर
इंदौर में बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने का मामला एक बार फिर अटकता नजर आ रहा है। कई महीनों से बीआरटीएस की दोनों तरफ लगी रेलिंग और लेन को हटाने का काम शुरू नहीं हो सका है। जिस एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उसने नुकसान का हवाला देते हुए काम करने से इनकार कर दिया है और कॉन्ट्रैक्ट सरेंडर कर दिया है। इसके बाद अब इंदौर नगर निगम एक नई एजेंसी के तलाश में जुट गया है।

दरअसल, बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने को लेकर इंदौर में लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। जिस निजी एजेंसी को रेलिंग और बीआरटीएस लेन हटाने का ठेका दिया गया था, उसने घाटे का हवाला देते हुए बीच में ही काम छोड़ दिया है। इस मामले में इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि यदि मौजूदा एजेंसी काम नहीं करती है, तो एक नई एजेंसी को नियुक्त किया जाएगा। वहीं, अगर कोई एजेंसी सामने नहीं आती है, तो नगर निगम खुद बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का काम करेगा। हालांकि, नए नियमों के तहत यह काम एजेंसी के माध्यम से ही किया जाना है, इसलिए नई एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सराफा चौपाटी को लेकर असमंजस, दुकानों की संख्या पर होगा ऑडिट
इंदौर के प्रसिद्ध सराफा बाजार में रात को लगने वाली चौपाटी को लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। चौपाटी के संचालन, दुकानों की संख्या और स्वरूप को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। इसी बीच महापौर के निर्देश पर गठित कमेटी ने एक बार फिर ऑडिट कराने का फैसला लिया है, जबकि नगर निगम के भीतर भी इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं।

वर्तमान में सराफा में 69 दुकानें संचालित हो रही हैं, जबकि 28 अन्य व्यापारियों ने भी दुकान लगाने के लिए आवेदन दिए हैं। कमेटी ने निर्णय लिया है कि मौजूदा दुकानों और नए आवेदनों का एक बार फिर से ऑडिट किया जाएगा। ऑडिट के बाद ही सराफा चौपाटी में लगने वाली दुकानों की संख्या और उसका स्वरूप तय किया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर नगर निगम के एमआईसी सदस्य निरंजन सिंह चौहान ने आरोप लगाया है कि सराफा चौपाटी को लेकर समिति की कई बैठकें आयोजित की गईं, लेकिन नगर निगम के अपर आयुक्त इन बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं। इससे निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, सराफा चौपाटी को लेकर अंतिम फैसला ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।
सांवेर की सील ड्रग कंपनी के सभी आयुर्वेदिक सिरप जांच में फेल
छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बाद सामने आए सिरप कांड ने अब इंदौर के सांवेर क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। यहां सील की गई एक ड्रग कंपनी के सभी आयुर्वेदिक सिरप सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिला प्रशासन ने फैक्ट्री संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। आयुष विभाग की जांच में सिरप निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। पूरा मामला ग्राम धरमपुरी स्थित मेसर्स रेबीहांस हर्बल प्राइवेट लिमिटेड का है।

जिसमें छिंदवाड़ा सिरप कांड के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इस फैक्ट्री से लिए गए आयुर्वेदिक सिरप के 8 प्रोडक्ट के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। शासकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला आमखो, ग्वालियर से आई रिपोर्ट में सभी सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। वही, जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में सिरप निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। न तो मौके पर कोई लैब पाई गई और न ही प्रोडक्ट निर्माण से जुड़े जरूरी कंपोनेंट्स की फाइलिंग मौजूद थी। इसके अलावा फायर सेफ्टी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं थे। जिसमें शिकायत मिलने पर 18 दिसंबर 2025 को एसडीएम सांवेर, पटवारी और आयुष विभाग की टीम ने फैक्ट्री का औचक निरीक्षण किया था, जिसके बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया। वहीं, अब आयुष विभाग की ओर से जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया ने फैक्ट्री संचालक सुरेन्द्र सिंह राजपूत के खिलाफ औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 और बीएनएस की धारा 277 के तहत केस दर्ज कराया है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही से लोगों की जान खतरे में न पड़े।

मानसिक प्रताड़ना और संपत्ति विवाद से तंग आकर युवक ने खाया जहर
इंदौर के संयोगितागंज इलाके में सितंबर महीने में एक ऑटो चालक ने मानसिक प्रताड़ना और संपत्ति विवाद से तंग आकर जहर खा लिया था। इस दौरान युवक ने वीडियो बनाया और अपनी आपबीती जाहिर की जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में संयोगितागंज पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिसमें दो महिलाएं भी शामिल है। दरअसल, पति और पत्नी के बीच चल रहे संपत्ति विवाद ने हालात को इतना बिगाड़ दिया था कि युवक अजय राजपूत ने पिछले साल नवलखा चौराहे पर जहर खाकर सड़क पर बेसुध पड़ा था। पुलिसकर्मियों ने युवक को अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर उसकी मौत हो गई थी। इस दौरान युवक ने मोबाइल पर प्रताड़ना का एक वीडियो भी बनाया था। जहां प्रताड़ित करने के मामले में अंकित, सपना, मुकेश और छग्गीबाई के नाम सामने आए थे।

जिसमें मृतक अजय का पत्नी ममता से संपत्ति को लेकर विवाद था, जिसके कारण ममता की बहन सपना, सपना का पति मुकेश और उसका भाई अंकित उसे धमकाते थे और मकान सहित अन्य संपत्ति अपने बेटे के नाम पर करने के लिए धमकाते थे। जिससे प्रताड़ित होकर उसने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया था। इस मामले में वीडियो और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर संयोगितागंज थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित चार लोगों पर गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।
Varsha Shrivastava 
