कृषि विभाग की उपेक्षा : बेलगाम हुए खाद बीज विक्रेता, बिना रेट सूची के वसूल रहे मनमाना दाम
Mauganj Fertilizer Seed : मऊगंज में खाद-बीज विक्रेताओं पर बिना रेट लिस्ट और पक्की रसीद के बिक्री के आरोप लगे हैं। किसानों ने कृषि विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मऊगंज जिले में रबी की बुवाई शुरू होते ही खाद-बीज विक्रेताओं ने किसानों को लूटना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग में बीज का टोटा है तो इसका पूरा फायदा निजी व्यापारी उठा रहे हैं। नईगढ़ी, मऊगंज और हनुमना ब्लॉक की अधिकांश दुकानों में खाद-बीज-दवा की कोई रेट सूची नहीं लगी है और न ही किसानों को खरीदी की पक्की रसीद दी जा रही है। इसी का नतीजा है कि किसान महंगा और घटिया बीज लेने को मजबूर है और शिकायत करने लायक भी नहीं बचता।

बिना रेट लिस्ट के मनमानी वसूली
नियमानुसार हर लाइसेंसी दुकान में कंपनी वार, वैरायटी वार बीज का अधिकतम खुदरा मूल्य, बैच नंबर और स्टॉक की जानकारी वाला बोर्ड लगाना अनिवार्य है। लेकिन हकीकत में किसी भी दुकान में यह बोर्ड नहीं लगा। एक ही कंपनी के गेहूं एवं अन्य अनाजों का बीज विक्रेता अलग-अलग दामों में प्रति क्विंटल बता रहा है। किसान पूछता है तो जवाब मिलता है - लेना है तो लो, नहीं तो आगे जाओ। कृषि विभाग के पास बीज नहीं होने से किसान के पास कोई विकल्प भी नहीं।

रसीद नहीं देते, इसलिए शिकायत नहीं होती
यह सबसे बड़ा खेल है। व्यापारी किसान को जीएसटी बिल नहीं देता, सिर्फ कच्ची पर्ची या सादे कागज पर रकम लिखकर दे देता है। कई तो वह भी नहीं देते। जब खेत में बीज का अंकुरण 50 फीसदी भी नहीं होता, तब किसान दुकान पर शिकायत लेकर पहुंचता है। तब व्यापारी सीधे कह देता है कि यह बीज मेरा नहीं है, आपके पास बिल कहां है? बिल न होने से किसान कृषि विभाग या एसडीएम कार्यालय में भी शिकायत नहीं कर पाता, क्योंकि पहली शर्त ही बिल है। व्यापारी इसी लिए बिल से बचते हैं ताकि घटिया और नकली बीज बेचने पर भी पकड़ में न आएं।

सिर्फ कागजों में चल रहा निरीक्षण
किसानों का कहना है कि ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक निरीक्षण दल बना है, लेकिन यह दल कभी फील्ड में नहीं जाता। रीवा या मऊगंज शहर में बैठकर व्यापारियों को बुलाकर रजिस्टर में साइन करा लिए जाते हैं। एक लाइसेंस पर तीन-तीन दुकानें चल रही हैं। शासकीय वाहन के डीजल का फर्जी बिल लगाकर राशि आहरित कर ली जाती है। क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से माफ करते हुए कहा दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य की जाए, बिना बिल बेचने वालों पर एफआईआर और लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही हो।

इन्होने कहा
रबी फसल बोनी का दौर चल रहा है, लेकिन कृषि कार्यालयों में पर्याप्त मात्रा में बीज विभाग द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया। जो थोड़ा बहुत आया भी है वह कहां रखा है, पता नहीं। विभाग द्वारा नियमानुसार बीज न उपलब्ध कराए जाने से मजबूरी में व्यापारियों के हाथ महंगे दाम पर बीज खरीदना पड़ रहा है। उधर व्यापारी खाद-बीज की गुणवत्ता की न तो गारंटी ले रहे हैं और न ही खरीदी की रसीद देते हैं। बिल न होने से किसान घटिया बीज की शिकायत भी नहीं कर पा रहा। विभाग सुनने को तैयार नहीं है और अन्नदाता परेशान है। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो अब अंचल का किसान अपने अधिकार के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग के आला अधिकारियों की होगी।

नृपेंद्र सिंह पिंटू, उपाध्यक्ष, जिला कांग्रेस मऊगंज
खाद बीज दुकानों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है और विधि विरुद्ध कार्य करने वाले व्यापारियों पर कार्यवाही भी की जाती है। क्षेत्र के किसानों से आग्रह है कि किसी भी दुकान से खाद, बीज, कीटनाशक खरीदनें के दौरान पक्की रसीद जरूर लें, यदि कोई व्यापारी रसीद नहीं देता तो इसकी शिकायत करें, रसीद न देने वाले व्यापारियों पर विधि संगत कार्यवाही की जाएगी।
रवि सिंह बघेल , एसडीओ कृषि मऊगंज

