17 March 2026: जयस छात्र संगठन की पुलिस से धक्का-मुक्की, पढ़ें इंदौर की आज की खबरें
इंदौर जिला अदालत में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में लगा सीलिंग फैन अचानक टूटकर गिरने से हड़कंप मच गया।
जयस छात्र संगठन का जोरदार प्रदर्शन, MPECB परीक्षाओं में बदलाव की मांग
इंदौर में मंगलवार को छात्र संगठनों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। कलेक्टर कार्यालय के सामने जयस छात्र संगठन के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध जताया। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB ने आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में लागू नियमों और प्रक्रियाओं के खिलाफ यह प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे छात्रों ने नेगेटिव मार्किंग खत्म करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नेगेटिव मार्किंग से छात्रों पर अनावश्यक दबाव बनता है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न परीक्षाओं में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने और लंबे समय से लंबित भर्तियों को जल्द पूरा करने की मांग भी उठाई। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में तकनीकी खामियों और शिफ्ट वाइज असमानता पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि इन समस्याओं को दूर करने के लिए ऑफलाइन परीक्षा प्रणाली को फिर से लागू किया जाना चाहिए। वहीं, परीक्षा का विस्तृत सिलेबस समय से पहले जारी करने और परीक्षा कैलेंडर स्पष्ट करने की भी मांग की गई।
प्रदर्शन में आबकारी भर्ती परीक्षा में कथित फर्जी अभ्यर्थियों के मामले की सीबीआई जांच, परीक्षा शुल्क में कमी, नॉर्मलाइजेशन और परसेंटाइल नियमों में बदलाव जैसी कई अहम मांगें भी शामिल रहीं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल, प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया गया है कि उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
कोर्ट रूम में सुनवाई के दौरान सीलिंग फैन अचानक टूटकर गिर पड़ा
इंदौर जिला अदालत में आज एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में लगा सीलिंग फैन अचानक टूटकर गिर पड़ा, जिससे हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय हुई जब कोर्ट की कार्यवाही जारी थी। तेज आवाज के साथ पंखा नीचे गिरा, जिससे मौके पर मौजूद लोग सहम गए। जानकारी के अनुसार महिला अपर सत्र न्यायाधीश को सिर और कंधे पर चोट आई है, हालांकि उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
हादसे के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में वकील मौके पर पहुंच गए। इस घटना ने एक बार फिर कोर्ट भवन की जर्जर हालत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला कोर्ट अभिभाषक संघ के अध्यक्ष ने बताया जा रहा है कि कई कोर्ट रूम में पुराने बिजली सिस्टम, लीकेज और कमजोर ढांचे की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं।
वकीलों का कहना है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, अन्य वकीलों ने भी कोर्ट की जर्जर हो रही बिल्डिंग से वकीलों के घायल होने की संभावना जताई है। फिलहाल, प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं नई कोर्ट बिल्डिंग के निर्माण कार्य को भी तेज करने की बात कही जा रही है।
मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन का निर्णय, कर्मचारियों की नौकरी रहेगी सुरक्षित
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी ने अब मध्यप्रदेश के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को बड़ी चुनौती के सामने ला खड़ा किया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है, लेकिन राहत की बात ये है कि फिलहाल कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रखने का भरोसा दिया गया है। यह निर्णय मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन के द्वारा लिया गया है।
दरअसल एलपीजी संकट का असर अब सीधे होटल इंडस्ट्री पर दिखने लगा है। गैस की कमी के कारण कई रसोईयों में काम प्रभावित हो रहा है, जिससे संचालन लागत बढ़ गई है और व्यवस्थाएं संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसी स्थिति को देखते हुए होटल संचालकों ने रणनीति में बदलाव शुरू कर दिया है। ज्यादा गैस खपत वाले व्यंजनों को मेन्यू से हटाया जा रहा है, वहीं इंडक्शन और अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है ताकि ग्राहकों को सेवा जारी रखी जा सके।
होटल एसोसिएशन ने साफ किया है कि मौजूदा हालात के बावजूद कर्मचारियों की छंटनी नहीं की जाएगी। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र बड़ी संख्या में रोजगार देता है, इसलिए कर्मचारियों की आजीविका बचाना उनकी प्राथमिकता है। हालांकि, व्यापारियों ने यह भी माना कि यदि गैस संकट लंबा खिंचता है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ऐसे में उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर को भी जरूरी सेवाओं की श्रेणी में रखते हुए कमर्शियल गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। फिलहाल, सीमित संसाधनों और बदलावों के साथ होटल इंडस्ट्री इस संकट से निपटने की कोशिश कर रही है, लेकिन आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह काफी हद तक गैस आपूर्ति पर निर्भर करेगा।
आरएसएस लगातार अपने संगठनात्मक विस्तार और मजबूती पर काम कर रहा
शताब्दी वर्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस लगातार अपने संगठनात्मक विस्तार और मजबूती पर काम कर रहा है। मालवा प्रांत में संघ का दायरा तेजी से बढ़ा है और अब यह दावा किया जा रहा है कि संघ कार्य 90 प्रतिशत घरों तक पहुंच चुका है। आरएसएस ने न सिर्फ अपने कार्यक्षेत्र का विस्तार किया है, बल्कि अपनी भौगोलिक संरचना में भी आरएसएस बड़ा बदलाव करने जा रहा है।
मालवा प्रांत में संघ ने काम की दृष्टि से 1359 मंडलों का गठन किया है। जिससे संगठन की जमीनी पकड़ और मजबूत हुई है। इसके साथ ही संघ अपनी विशेष कार्यपद्धति के तहत 969 बस्तियों तक पहुंच बनाने में सफल रहा है। जो उसके व्यापक विस्तार को दर्शाता है। संघ की शाखाओं की बात करें तो मालवा प्रांत में अब 5 हजार से अधिक शाखाएं संचालित हो रही हैं। ये शाखाएं संगठन की मूल इकाई मानी जाती हैं। जिनके माध्यम से सामाजिक और वैचारिक गतिविधियां संचालित होती हैं। शताब्दी वर्ष के मद्देनजर संघ ने अपनी भौगोलिक रचना में भी बदलाव का फैसला लिया है।
मार्च 2027 से मालवा प्रांत को दो अलग-अलग संभागों में विभाजित किया जाएगा। इंदौर संभाग और उज्जैन संभाग, इससे संगठनात्मक कार्यों में और अधिक प्रभावशीलता आने की उम्मीद जताई जा रही है। देशभर की संरचना पर नजर डालें तो संघ के अब 9 क्षेत्र और 85 संभाग होंगे, जो उसके बढ़ते विस्तार को दर्शाता है। कुल मिलाकर शताब्दी वर्ष के मौके पर संघ अपने संगठन को नई संरचना और व्यापक विस्तार के साथ आगे बढ़ा रहा है। जिससे आने वाले समय में उसकी सक्रियता और प्रभाव दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
मार्जिन ऑफ स्पेस पर लगाए गए नए संपत्ति कर को लेकर विरोध तेज
इंदौर में एम.ओ.एस यानी मार्जिन ऑफ स्पेस पर लगाए गए नए संपत्ति कर को लेकर विरोध तेज हो गया है। आज कांग्रेस पार्षद दल और कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर इस फैसले का विरोध जताया, कांग्रेस का आरोप है कि यह टैक्स आम जनता पर सीधा आर्थिक बोझ डालने वाला है।
दरअसल नगर निगम द्वारा लागू किए गए नए नियम के तहत अब मकान मालिकों को अपने प्लॉट के 50 प्रतिशत हिस्से यानी एम.ओ.एस पर भी संपत्ति कर देना होगा। यही नहीं, पिछले 5 साल का टैक्स एकमुश्त वसूले जाने की बात भी सामने आई है, जिससे लोगों पर अचानक बड़ा आर्थिक भार पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि छोटे प्लॉट धारकों को जहां करीब 600 रुपये सालाना अतिरिक्त देना पड़ेगा। वहीं बड़े प्लॉट मालिकों पर यह राशि 1500 से 2900 रुपये सालाना तक पहुंच रही है।
ऐसे में 5 साल का टैक्स एक साथ देने पर यह रकम हजारों में पहुंच रही है, जो आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जनता पर यह अतिरिक्त कर नहीं हटाया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, इंदौर नगर निगम कमिश्नर का कहना है की इस मामले को लेकर अभी विचार किया जा रहा है, जो भी आपत्तियां और विरोध है उसका जल्द निराकरण होगा।
राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी शिलोम जेम्स और उसके साथी के खिलाफ केस दर्ज
इंदौर में पटाखे फोड़ने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मामले में पुलिस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड में साक्ष्य छुपाने के आरोपी शिलोम जेम्स और उसके साथी विकास के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह घटना 8 मार्च की बताई जा रही है, जब भारत की क्रिकेट मैच में जीत के बाद इलाके में जश्न मनाया जा रहा था। इसी दौरान पटाखे फोड़ने को लेकर शिलोम जेम्स का अपने पड़ोसियों से विवाद हो गया। देखते ही देखते यह कहासुनी मारपीट में बदल गई।
आरोप है कि शिलोम जेम्स और उसके साथी विकास ने पड़ोसियों के साथ हाथापाई की और उन्हें धमकाया भी। विवाद इतना बढ़ गया कि स्थानीय लोगों को बीच-बचाव करना पड़ा। सूचना मिलते ही लसूडिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। शिकायत के आधार पर जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट और धमकाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि शिलोम जेम्स का नाम पहले भी राजा रघुवंशी हत्याकांड में साक्ष्य छुपाने के आरोप में सामने आ चुका है। फिलहाल शिलोम जेम्स जमानत पर बाहर है। जिसको जमानत निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू करने पर भी पुलिस विचार कर रही है।
अवैध शराब पकड़ने गई पुलिस टीम पर लोगों ने पथराव किया
सांवेर क्षेत्र के सिमरोड गांव में अवैध शराब पकड़ने गई पुलिस टीम पर लोगों ने पथराव कर हमला बोल दिया, जहां एक पुलिसकर्मी घायल बताया जा रहा है। इंदौर जिला ग्रामीण DSP उमाकांत चौधरी के मुताबिक बीती रात सूचना के बाद ग्राम सिमरोड़ स्थित थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ शराब तस्करी पकड़ने गए थे। जहां कुछ लोगों ने रात के अंधेरे में पुलिस टीम पर पत्थरों से हमला बोल दिया।
घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ है। डीएसपी चौधरी ने बताया कि इस मामले में आठ लोगों पर नामजद अपराध दर्ज किए गए है। वहीं तीन अन्य लोगों पर भी तेज हुआ है। अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीम कार्य में जुटी हुई है।
Varsha Shrivastava 
