उज्जैन के अधिकारी ने थाईलैंड में खाया मगरमच्छ का मांस: पत्नी के साथ वीडियो वायरल
उज्जैन के अधिकारी ने थाईलैंड में खाया मगरमच्छ का मांस, पत्नी के साथ वीडियो वायरल, आयुक्त बोले- विदेश जाने की अनुमति नहीं ली
उज्जैन: नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें वह कथित तौर पर मगरमच्छ का मांस खाते नजर आ रहे हैं। वीडियो थाईलैंड का बताया जा रहा है। इसके साथ लिखा है कि उन्होंने पहली बार मगरमच्छ का मांस चखा। अब उनकी विदेश यात्रा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
राजकुमार राठौर उज्जैन नगर निगम में भवन अधिकारी हैं। उनके पास जोन क्रमांक 1, 2 और 3 की जिम्मेदारी है। वीडियो में राठौर अपनी पत्नी के साथ कुछ खाते दिख रहे हैं।
कैप्शन में अंग्रेजी में लिखा है, 'Trying crocodile for the first time in Thailand'। इसका मतलब है कि थाईलैंड में पहली बार मगरमच्छ का मांस चखा।
छुट्टी ली, लेकिन विदेश जाने की अनुमति नहीं
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि राजकुमार राठौर 19 से 23 अक्टूबर तक अवकाश पर थे। हालांकि उन्होंने विदेश यात्रा के लिए विभाग से अनुमति नहीं ली थी।
नियमों के मुताबिक सरकारी कर्मचारी को विदेश जाने से पहले सक्षम अधिकारी से मंजूरी लेनी होती है। इसे Foreign Travel Permission कहा जाता है। केवल छुट्टी लेना विदेश जाने की अनुमति नहीं माना जाता। आयुक्त के मुताबिक नियमों का उल्लंघन मिलने पर राठौर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
वेतनवृद्धि और पदोन्नति पर लग सकती है रोक
नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने भी इस मामले में कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय नियमों के तहत अधिकारी को अलग-अलग तरह के दंड दिए जा सकते हैं।
इनमें निंदा, वेतनवृद्धि रोकना और पदोन्नति पर रोक लगाना शामिल है। हालांकि अभी किसी कार्रवाई का अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
महापौर बोले- पहले मामले की पुष्टि कराएंगे
उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस मामले की जानकारी नहीं है। पूरी जानकारी मिलने के बाद वीडियो की सच्चाई की पुष्टि कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि मामले में नियमों का उल्लंघन मिलता है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इस मामला में राजकुमार राठौर का अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है।
मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या हैं नियम?
मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण और सेवा संबंधी नियम बनाए गए हैं। मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 में कर्मचारियों के सामान्य व्यवहार और जिम्मेदारियों का जिक्र है। विदेश यात्रा की अनुमति से जुड़े अलग विभागीय निर्देश भी लागू हो सकते हैं। नगर निगम कर्मचारियों पर कौन-से नियम लागू होंगे, यह उनके पद और सेवा शर्तों पर निर्भर करता है।
इस मामले में प्रशासन की आपत्ति मगरमच्छ का मांस खाने पर नहीं, बल्कि बिना अनुमति विदेश यात्रा करने पर है। अब संबंधित सेवा नियमों के आधार पर Departmental Action का फैसला लिया जा सकता है।

