स्कॉलरशिप वितरण समारोह: CM डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के 850 मेधावी छात्रों को दी स्कॉलरशिप

भोपाल के रविंद्र भवन में स्कॉलरशिप वितरण समारोह: 850 मेधावी छात्रों को मिली सहायता, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा को बताया जीवन निर्माण का आधार

स्कॉलरशिप वितरण समारोह: CM डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के 850 मेधावी छात्रों को दी स्कॉलरशिप

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविंद्र भवन में आयोजित वर्ष 2025-26 के स्कॉलरशिप वितरण समारोह में 850 मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की। इस मौके पर सीएम ने कहा कि स्कॉलरशिप केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह सरकार की ओर से छात्रों के उज्ज्वल भविष्य पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि जीवन को ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने छात्रों को मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा दी।

डॉ. कलाम से मिली प्रेरणा, मेहनत को बताया सफलता की कुंजी

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी और देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि हर युवा को भी इसी तरह मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रहीम और रसखान की कविताओं का उल्लेख करते हुए भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि “जल ही जीवन है” और इसका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है।

वक्फ बोर्ड की भूमिका और शिक्षा में योगदान

मुख्यमंत्री ने Madhya Pradesh Waqf Board की सराहना करते हुए कहा कि बोर्ड द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने अपनी आय बढ़ाकर 850 मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप उपलब्ध कराई है। साथ ही उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों को पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन किया जा रहा है और इनका उपयोग अब शिक्षा और गरीब छात्रों के कल्याण में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी वर्गों के युवाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समस्या का समाधान कानून के दायरे में रहकर और आपसी सहयोग से ही संभव है। उन्होंने प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों पर संतोष व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है ताकि युवा अपने सपनों को पूरा कर सकें और देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।