BRICS Summit 2026 : दूसरे दिन बोले मोदी- दुनिया में तनाव तेजी से बढ़ रहा, आम लोगों पर बुरा असर, पुतिन-जिनपिंग संग दिखे PM

BRICS Summit 2026 के आखिरी दिन PM Modi करेंगे 7 देशों के नेताओं से द्विपक्षीय बैठक, BRICS देशों ने नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी और Pahalgam आतंकी हमले की निंदा की

BRICS Summit 2026 : दूसरे दिन बोले मोदी- दुनिया में तनाव तेजी से बढ़ रहा, आम लोगों पर बुरा असर, पुतिन-जिनपिंग संग दिखे PM

BRICS Summit 2026 : नई दिल्ली। दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज दुनिया के देश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में किसी एक जगह आने वाला संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है।  यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित BRICS समिट 2026 के दूसरे दिन 13 सितंबर को कही है। कार्यक्रम की शुरुआत में भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इस दौरान PM मोदी के दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए।

BRICS सहयोग के लिए भारत का विजन

BRICS Summit 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अध्यक्षता के दौरान समूह की प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत ने चार मुख्य स्तंभों को केंद्र में रखा है। इनमें लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सदस्य देशों के समर्थन से इन विचारों को व्यावहारिक सहयोग में बदलने की कोशिश की गई है। उनका कहना था कि इस सहयोग का लक्ष्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसका लाभ सभी देशों और समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचे।

बढ़ते संकटों के बीच लचीलेपन पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया में बढ़ते तनाव और उसके आम लोगों पर पड़ने वाले असर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में आई रुकावटों ने वैश्विक व्यवस्था की कमजोरियां सामने रखी हैं। आज किसी एक क्षेत्र में पैदा हुआ संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से BRICS में संकटों की पहले पहचान, तैयारी और तेज कार्रवाई पर जोर दिया गया है। संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए BRICS इंटीग्रेटेड अर्ली वॉर्निंग सिस्टम पर सहमति बनी है। आपदा प्रबंधन के लिए अर्ली वॉर्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं।

सप्लाई चेन और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

PM मोदी ने कहा कि BRICS लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन सहयोग फ्रेमवर्क से जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था को ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी। नवाचार के क्षेत्र में BRICS इनक्यूबेटर नेटवर्क की भूमिका अहम होगी। यह नेटवर्क स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ने का काम करेगा। भारत ने BRICS Startup Innovation Fund का प्रस्ताव भी रखा है। इसका उद्देश्य ऐसे नए समाधान बढ़ाना है, जिन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके। डिजिटल कृषि के लिए BRICS नेटवर्क के तहत AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की जरूरतों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।

टेक्नोलॉजी का लाभ सभी तक पहुंचाने की कोशिश

प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक और जरूरी खनिजों का इस्तेमाल दबाव बनाने के साधन के रूप में नहीं होना चाहिए। इससे वैश्विक विकास की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। भारत ने BRICS में तकनीक के इस्तेमाल को समावेशी बनाने पर जोर दिया है। मोदी ने कहा कि BRICS का सहयोग केवल सरकारों के स्तर तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसमें कारोबारी, किसान, शोधकर्ता, महिलाएं, युवा और आम नागरिक भी सक्रिय भागीदार बनें। इसी सोच के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तैयार किए जा रहे हैं।

रोजगार और छोटे उद्योगों के लिए नई पहल

BRICS Connect के जरिए कौशल विकास, रोजगार की क्षमता और कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। इसके साथ सामाजिक सुरक्षा और क्षमता निर्माण को भी प्राथमिकता दी गई है। छोटे उद्योगों को जरूरी जानकारी, वित्तीय मदद और नए बाजारों तक पहुंच दिलाने के लिए BRICS MSME सहयोग पोर्टल शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि शहरों के बीच बेहतर कामकाजी तरीकों को साझा करने के लिए BRICS Urban Mobility Hub भी बनाया गया है। इससे शहरी परिवहन से जुड़े अनुभवों और समाधानों को साझा करने में मदद मिलेगी।

पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन पर फोकस

PM मोदी ने भारतीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में प्रकृति को मां के समान सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। दोनों के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। इसी सोच के तहत BRICS में स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास से जुड़ी कई पहलों पर काम किया गया है। स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण के लिए BRICS Digital Centre of Excellence स्थापित किया गया है। इसका लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा व्यवस्था को ज्यादा भरोसेमंद, कुशल और सुलभ बनाना है। कृषि-पारिस्थितिकी और पुनर्योजी कृषि से जुड़े केंद्र पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने का काम करेंगे।

ग्लोबल साउथ के लिए समाधान बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS में तैयार होने वाले समाधानों का फायदा केवल सदस्य देशों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इन्हें ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुसार भी उपयोगी और सुलभ बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास का मॉडल तभी प्रभावी होगा, जब वह ज्यादा से ज्यादा देशों और समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखे। भारत की अध्यक्षता में इसी सोच के साथ समावेशी वैश्विक विकास को बढ़ावा देने की कोशिश की गई है। इस दृष्टिकोण में सहयोग, तकनीक और साझा अनुभवों को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।

विविधता को BRICS की ताकत बताया

PM मोदी ने कहा कि BRICS में ग्लोबल साउथ के देशों का भरोसा बढ़ा है। इसकी वजह यह है कि इन देशों की बात सुनी जाती है और उनके अनुभवों को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि समाधान केवल देशों के लिए नहीं, बल्कि उनके साथ मिलकर तैयार किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने BRICS की विविधता को उसकी बड़ी ताकत बताया। उनका कहना था कि अलग-अलग परिस्थितियों और अनुभवों के बावजूद सहयोग के जरिए सभी देश आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि BRICS की विविधता उसकी पहचान बनी रहेगी और उसका सहयोग पूरी मानवता के लिए बेहतर भविष्य का आधार बनेगा।

BRICS समिट के दूसरे दिन के फोटो यहां देखिये 

आज BRICS की Open Meeting

BRICS Summit का आज दूसरा और आखिरी दिन है। प्रधानमंत्री Narendra Modi शनिवार को Bharat Mandapam पहुंच गए हैं। Summit में शामिल होने वाले World Leaders का भी पहुंचना शुरू हो गया है। आज BRICS की Open Meeting होगी, जिसमें सदस्य देशों के नेताओं के साथ आमंत्रित देशों के प्रमुख भी हिस्सा लेंगे। बैठक में BRICS से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

PM Modi करेंगे कई द्विपक्षीय बैठकें

Summit की बैठक के बाद PM Modi अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ Bilateral Meetings करेंगे। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच सहयोग, व्यापार, सुरक्षा और दूसरे अहम मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। PM Modi आज कुल 7 देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे।

BRICS Summit के पहले दिन भी कई अहम घटनाक्रम देखने को मिले। Summit के दौरान नेताओं के लिए Dinner का आयोजन किया गया था। हालांकि, इसमें Chinese President Xi Jinping और Abu Dhabi के Crown Prince Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan शामिल नहीं हुए।

मलेशियाई PM की राहुल-प्रियंका से मुलाकात

मलेशिया के प्रधानमंत्री Anwar Ibrahim ने लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi और कांग्रेस सांसद Priyanka Gandhi Vadra वाड्रा से नाश्ते पर मुलाकात की।

Xi Jinping Dinner में नहीं पहुंचे

मीडिया सूत्रों के हवाले से बताया कि Chinese President Xi Jinping Dinner में शामिल होने के बजाय आराम करने के लिए अपने Hotel लौट गए थे। वहीं, Abu Dhabi के Crown Prince Sheikh Khaled bin Mohamed Summit में हिस्सा लेने के बाद अपने देश लौट गए थे।

BRICS देशों की New Delhi Declaration को मंजूरी

BRICS देशों ने Summit के दौरान New Delhi Declaration को मंजूरी दी है। इसमें कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर साझा बयान जारी किया गया है। Declaration में Russia और China समेत BRICS देशों ने Pahalgam आतंकी हमले की निंदा की।

BRICS देशों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जानी चाहिए। आतंकियों तक पहुंचने वाली Funding रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाना देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई पर जोर दिया गया है।

West Asia के तनाव के बीच अहम बैठक

BRICS देशों के बीच यह साझा रुख ऐसे समय सामने आया है, जब West Asia में तनाव बना हुआ है। Iran, Saudi Arabia और UAE समेत कई देशों के अलग-अलग मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं। ऐसे में BRICS Summit में साझा बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आज Summit के आखिरी दिन होने वाली बैठकों पर दुनिया की नजर रहेगी। खासतौर पर PM Modi और दूसरे Global Leaders के बीच होने वाली Bilateral Meetings से कई अहम मुद्दों पर आगे की रणनीति साफ हो सकती है।