Bhopal: बड़ा तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण पर एक्शन मोड में प्रशासन, फार्म हाउस समेत अवैध ढांचे ध्वस्त

भोपाल में बड़ा तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए प्रशासन ने हलालपुरा से सख्त अभियान शुरू किया। 347 अतिक्रमण चिन्हित कर 15 दिन में हटाने का लक्ष्य रखा गया है, वहीं अन्य इलाकों में भी कार्रवाई जारी रहेगी।

Bhopal: बड़ा तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण पर एक्शन मोड में प्रशासन, फार्म हाउस समेत अवैध ढांचे ध्वस्त

भोपाल: बड़ा तालाब को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार सुबह हलालपुरा क्षेत्र से अभियान की शुरुआत हुई,जहां प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचा। 

हलालपुरा से अभियान की शुरुआत

सुबह-सुबह शुरू हुए इस अभियान में बैरागढ़ तहसीलदार हर्षविक्रम सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तालाब किनारे बने अवैध निर्माणों को चिन्हित कर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। जेसीबी मशीनों से बाउंड्रीवाल और अन्य संरचनाओं को तोड़ा गया।

फार्म हाउस सहित अवैध निर्माण निशाने पर

कार्रवाई के दौरान तालाब किनारे बने एक फार्म हाउस समेत कई अवैध हिस्सों को ध्वस्त किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तालाब क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रशासन ने बड़ा तालाब के आसपास कुल 347 अतिक्रमण चिन्हित किए हैं। इन्हें अगले 15 दिनों में हटाने का लक्ष्य तय किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माणों पर कार्रवाई होगी।

FTL से 50 मीटर दायरे में सख्त कार्रवाई

तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर के दायरे में बने सभी अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। इस क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए प्रशासन ने सीधी कार्रवाई का निर्देश दिया है।

भदभदा के बाद अब अन्य इलाकों में भी अभियान

चार दिन पहले भदभदा क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। अब यह अभियान चरणबद्ध तरीके से बैरागढ़, सेवनिया गोंड, हुजूर और टीटी नगर तक पहुंचेगा। प्रशासन ने इसके लिए अलग-अलग तारीखों में शेड्यूल तय किया है।

गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे ज्यादा अतिक्रमण

जांच में सामने आया है कि टीटी नगर एसडीएम सर्कल के गौरा गांव और बिसनखेड़ी में सबसे अधिक अतिक्रमण हुए हैं। वहीं बैरागढ़ और बहेटा क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण पाए गए हैं।

वन विहार क्षेत्र में भी नियमों का उल्लंघन

सीमांकन के दौरान वन विहार क्षेत्र में करीब 2.5 किलोमीटर में 100 से ज्यादा पिलर लगाए जाने की बात सामने आई है, जिसे वेटलैंड नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।

पर्यावरणविदों ने उठाई चिंता, NGT जाने की तैयारी

पर्यावरणविदों ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए इसे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में उठाने की बात कही है। उनका कहना है कि बड़ा तालाब की पारिस्थितिकी को बचाने के लिए कड़े कदम उठाना बेहद जरूरी है।